हिमाचल प्रदेश

CBSE के रोलआउट से शिक्षा के स्तर में उम्मीद, एनरोलमेंट बढ़ा

Ratna Netam
21 April 2026 2:43 PM IST
CBSE के रोलआउट से शिक्षा के स्तर में उम्मीद, एनरोलमेंट बढ़ा
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Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: मंडी जिले के स्कूलों में CBSE पाठ्यक्रम के रोलआउट के बाद इस वर्ष लगभग 12,000 नए छात्रों का एनरोलमेंट हुआ है। यह आंकड़ा शिक्षा में बढ़ती लोकप्रियता और नए शैक्षणिक दृष्टिकोण की ओर बच्चों और माता-पिता की रुचि को दर्शाता है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह रोलआउट ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लागू किया गया है। छात्रों और अभिभावकों ने CBSE पाठ्यक्रम को उच्च गुणवत्ता, बेहतर करियर अवसर और समग्र शैक्षणिक विकास के लिए उपयुक्त माना। इसके परिणामस्वरूप नए छात्रों का जोरदार एनरोलमेंट देखा गया।
मंडी के स्कूलों में नए प्रवेशित छात्रों के लिए विशेष ओरिएंटेशन कार्यक्रम और कक्षाएं शुरू की गई हैं। शिक्षकों का कहना है कि नई शिक्षा पद्धति छात्रों को सृजनात्मक सोच, समस्या सुलझाने की क्षमता और आधुनिक ज्ञान प्रदान करेगी।
स्कूल प्रशासन ने बताया कि छात्रों की संख्या में वृद्धि के साथ शिक्षकों की तैनाती और संसाधनों का विस्तार भी किया गया है। नए लैब्स, पुस्तकालय और डिजिटल क्लासरूम की सुविधा छात्रों की शिक्षा अनुभव को बेहतर बनाने के लिए उपलब्ध कराई गई है।
स्थानीय अभिभावकों ने कहा कि CBSE पाठ्यक्रम का रोलआउट बच्चों के भविष्य और प्रतिस्पर्धात्मक शिक्षा के लिए सही कदम है। एक अभिभावक ने कहा, “हमने अपने बच्चों को इस पाठ्यक्रम में दाखिला इसलिए कराया क्योंकि यह उनकी करियर संभावनाओं को बेहतर बनाने में मदद करेगा।”
शिक्षा विभाग ने यह भी सुनिश्चित किया है कि नए छात्रों को पाठ्यक्रम की प्रक्रिया और नियमों की पूरी जानकारी मिले। इसके लिए विशेष कैम्प और जानकारी सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि बच्चों और माता-पिता को सहजता से CBSE पाठ्यक्रम में शामिल किया जा सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि CBSE पाठ्यक्रम के रोलआउट से मंडी जिले में शिक्षा का स्तर उन्नत होगा। इससे न केवल छात्रों की अकादमिक दक्षता बढ़ेगी, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का अवसर भी मिलेगा।
कुल मिलाकर, मंडी के स्कूलों में CBSE रोलआउट के चलते 12,000 नए छात्रों का एनरोलमेंट शिक्षा में बढ़ती रुचि और आधुनिक पाठ्यक्रम की आवश्यकता को दर्शाता है। यह कदम जिले में शिक्षा के स्तर को सुधारने और बच्चों को बेहतर अवसर प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
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