हिमाचल प्रदेश

केजरीवाल की हिमाचल में एंट्री से बीजेपी-कांग्रेस में हलचल, AAP में असंतुष्ट नेताओं का शामिल होने का सिलसिला जारी

Renuka Sahu
1 May 2022 2:37 AM GMT
BJP-Congress stir due to Kejriwals entry in Himachal, disgruntled leaders continue to join AAP
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फाइल फोटो 

पंजाब के विधानसभा चुनाव परिणाम ने सभी प्रमुख राजनीतिक दलों को चौका दिया है.

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। पंजाब के विधानसभा चुनाव परिणाम ने सभी प्रमुख राजनीतिक दलों को चौका दिया है. ऐसे में देश की दो प्रमुख राज्यों में सरकार बनाने के बाद आप पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) काफी उत्साहित हैं. अब पंजाब के पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) को लेकर आम आदमी पार्टी पूरी तरीके से गंभीर दिखाई दे रही है.हिमाचल प्रदेश और गुजरात की विधानसभा का चुनाव इसी साल के अंत में होना है. वहीं, केजरीवाल हिमाचल प्रदेश में कई चुनावी रैलियां कर चुके हैं और कई होनी संभावित हैं. ऐसे में बीजेपी और कांग्रेस के लिए हिमाचल में आम आदमी पार्टी को कमजोर समझना बड़ी भूल साबित हो सकती है.

हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी चुनावी मैदान में उतरने जा रही है. आम आदमी पार्टी की तरफ से यह साफ कर दिया गया है कि प्रदेश की सभी 68 विधानसभा सीटों पर पार्टी चुनाव लड़ेगी. वहीं, अभी तक तीन लाख से ज्यादा लोगों ने पार्टी की सदस्यता तो ग्रहण कर लिया है. दिल्ली में आम आदमी पार्टी की लाभकारी योजनाओं को हिमाचल के वोटरों को लुभाने की तैयारी में आम आदमी पार्टी है. हालांकि, आम आदमी पार्टी का हिमाचल प्रदेश में कोई मजबूत संगठन नहीं है. राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, चुनाव में सफलता संगठन के जरिए ही जीत मिलती है.जिस तेजी से आम आदमी पार्टी अपने कदम बढ़ा रही है उससे सियासी दलों में घबराहट जरूर है. अभी हिमाचल में आम आदमी पार्टी को अपने संगठन को खड़ा करने पर विशेष जोर लगाना चाहिए.क्योंकि संगठन के बलबूते ही चुनाव में जीत दर्ज की जा सकती है.
बीजेपी और कांग्रेस के लिए 'AAP' बनी मुसीबत
बता दें कि पंजाब के विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत हासिल करके सरकार बनाने के बाद आम आदमी पार्टी अब हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव में उतरने की तैयारी में है. आम आदमी पार्टी में प्रदेश की कांग्रेस और बीजेपी के असंतुष्ट नेताओं को अपने पाले में करने में जुट चुकी है. हाल ही में बीजेपी के नेता नरेश वर्मा ने आम आदमी पार्टी में शामिल हो चुके हैं. वहीं, धर्मशाला से चुनाव लड़ चुके राकेश चौधरी भी पार्टी में जा चुके हैं. अब तक 70 से ज्यादा नेता आम आदमी पार्टी का दामन थाम चुके हैं. AAP की ओर से यह कहा जा रहा है कि कांग्रेस और बीजेपी के कई बड़े नेता उनके संपर्क में हैं. हिमाचल में आम आदमी पार्टी ने पहले शिमला नगर निगम के चुनाव को लेकर अपना टारगेट तय किया है. इसके बाद विधानसभा के चुनाव पर मुख्य फोकस होगा.
हिमाचल प्रदेश को मिली 'आप' के रूप में तीसरी पार्टी
हिमाचल प्रदेश में साल 1985 से लेकर अब तक प्रमुख रूप से बीजेपी और कांग्रेस के रूप में दो ही पार्टियां चुनाव मैदान में बनी हुई है. वहीं, इस बार आम आदमी पार्टी की मजबूत दस्तक से प्रदेश को तीसरी पार्टी मिलेगी. हिमाचल प्रदेश के 44 साल के चुनावी इतिहास में अब तक बीजेपी और कांग्रेस ने ही सरकारें बनाई हैं. वहीं, 1985 के बाद से तो बारी-बारी से दोनों दलों ने सरकार बनाई हैं. लेकिन इस बार आम आदमी पार्टी के रूप में तीसरे दल ने दोनों दलों के लिए चिंता बढ़ा दी है. बीजेपी जहां आम आदमी पार्टी से खुद को खतरा नहीं मानती है तो कांग्रेस भी हिमाचल जैसे राज्य में आम आदमी पार्टी से भयभीत नहीं है.
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