हिमाचल प्रदेश

हिमाचल शिक्षा बोर्ड में कथित बैकडोर भर्ती को लेकर BJP का हमला

Kavita2
18 July 2026 11:32 AM IST
हिमाचल शिक्षा बोर्ड में कथित बैकडोर भर्ती को लेकर BJP का हमला
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शिमला : हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड में कथित बैकडोर भर्ती को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। भाजपा विधायक और पार्टी के राज्य उपाध्यक्ष विनोद कुमार ने इस मामले को लेकर कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के साथ अन्याय किया जा रहा है। उन्होंने सरकार पर भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और भाई-भतीजावाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।

विनोद कुमार ने कहा कि कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के दौरान युवाओं को रोजगार देने के बड़े-बड़े वादे किए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले कांग्रेस ने पांच लाख रोजगार देने और सत्ता में आने के पहले वर्ष में एक लाख सरकारी नौकरियां उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन वर्तमान स्थिति इसके विपरीत दिखाई दे रही है।

भाजपा विधायक ने कहा कि प्रदेश के युवा लंबे समय से सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे हैं और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया की उम्मीद लगाए बैठे हैं। लेकिन कथित बैकडोर नियुक्तियों की खबरें सामने आने से युवाओं में निराशा और आक्रोश बढ़ रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को भर्ती प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बनाए रखनी चाहिए, ताकि हर योग्य उम्मीदवार को समान अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि सरकारी संस्थानों में नियुक्तियां नियमों और निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार होनी चाहिए, जिससे किसी भी तरह के पक्षपात की गुंजाइश न रहे।

विनोद कुमार ने हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड में हुई कथित नियुक्तियों को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर किसी संस्था में बिना उचित प्रक्रिया के भर्तियां की जाती हैं तो यह उन युवाओं के साथ अन्याय है, जो वर्षों तक मेहनत करके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं।

उन्होंने कहा कि बेरोजगारी हिमाचल प्रदेश की बड़ी समस्याओं में से एक है और ऐसे समय में सरकार की जिम्मेदारी है कि युवाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार अपने चुनावी वादों को पूरा करने में विफल रही है।

भाजपा नेता ने कहा कि सरकार को कथित बैकडोर भर्ती मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए और यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।

विनोद कुमार ने कहा कि भाजपा युवाओं के हितों की रक्षा के लिए आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने मांग की कि सभी सरकारी विभागों और बोर्डों में होने वाली नियुक्तियों की प्रक्रिया सार्वजनिक और पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि योग्य उम्मीदवारों को उनका अधिकार मिल सके।

हालांकि, इस मामले में कांग्रेस सरकार या शिक्षा बोर्ड की ओर से अभी विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सरकार की ओर से अक्सर कहा जाता रहा है कि सभी नियुक्तियां नियमों के अनुसार की जा रही हैं और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि रोजगार और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे हिमाचल की राजनीति में हमेशा महत्वपूर्ण रहे हैं। युवाओं की बड़ी आबादी वाले राज्य में सरकारी नौकरियों को लेकर होने वाली किसी भी चर्चा का राजनीतिक असर पड़ता है।

प्रदेश में सरकारी नौकरियों को लेकर पहले भी विपक्ष और सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप होते रहे हैं। भाजपा लगातार कांग्रेस सरकार पर रोजगार के मुद्दे को लेकर हमला करती रही है, जबकि कांग्रेस अपने स्तर पर विकास और रोजगार के लिए उठाए गए कदमों का हवाला देती रही है।

स्कूल शिक्षा बोर्ड जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में नियुक्तियों को लेकर उठे सवालों के बाद अब सबकी नजर सरकार की ओर से उठाए जाने वाले कदमों पर है। यदि जांच या समीक्षा की प्रक्रिया शुरू होती है तो कथित अनियमितताओं की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

फिलहाल भाजपा के आरोपों के बाद यह मामला राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर विधानसभा और राजनीतिक मंचों पर चर्चा तेज होने की संभावना है। युवाओं की नजर भी इस बात पर रहेगी कि सरकार भर्ती प्रक्रिया को लेकर क्या कदम उठाती है और रोजगार के वादों को पूरा करने की दिशा में क्या पहल करती है।

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