- Home
- /
- राज्य
- /
- हिमाचल प्रदेश
- /
- ग्रेनेड मिलने के बाद...
हिमाचल प्रदेश
ग्रेनेड मिलने के बाद बड़ा सुराग, आरोपित के घर आती थीं JK नंबर की गाड़ियां
nidhi
3 Oct 2026 11:55 AM IST

x
जम्मू-कश्मीर कनेक्शन की जांच शुरू
नालागढ़: हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ में ग्रेनेड मिलने के मामले की जांच में अब जम्मू-कश्मीर कनेक्शन सामने आया है। मामले से जुड़े आरोपित के घर जम्मू-कश्मीर नंबर वाली गाड़ियों के आने की जानकारी मिलने के बाद जांच का दायरा बढ़ गया है। अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इन वाहनों में कौन लोग आते थे और उनका आरोपित से क्या संबंध था।
ग्रेनेड मिलने जैसे संवेदनशील मामले में जम्मू-कश्मीर नंबर की गाड़ियों का जिक्र सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां हर पहलू को गंभीरता से देख रही हैं। हालांकि केवल किसी वाहन के जम्मू-कश्मीर में पंजीकृत होने से किसी आपराधिक संबंध की पुष्टि नहीं होती। वाहनों और उनमें सवार लोगों की वास्तविक भूमिका जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
जानकारी के मुताबिक जांच के दौरान आरोपित के घर आने-जाने वाले लोगों और वाहनों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। इसी दौरान जम्मू-कश्मीर नंबर वाली गाड़ियों के वहां पहुंचने की बात सामने आई। इसके बाद इन वाहनों के पंजीकरण और उनके मालिकों के बारे में जानकारी जुटाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
जांच एजेंसियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि ग्रेनेड आरोपित तक कैसे पहुंचा। इसे कहां से लाया गया और इसके पीछे किसका हाथ था, इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं। इसी क्रम में आरोपित के संपर्कों की जांच भी महत्वपूर्ण हो गई है। आरोपित के मोबाइल फोन और अन्य संभावित संपर्कों से भी जानकारी जुटाई जा सकती है। कॉल रिकॉर्ड और संपर्क में रहे लोगों की पहचान से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि घटना से पहले वह किन लोगों के संपर्क में था। इसके अलावा उसके घर आने वाले लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
JK नंबर वाली गाड़ियों की पहचान होने पर उनके आने-जाने का समय और यात्रा से जुड़ी दूसरी जानकारियां जांच के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज उपलब्ध होने की स्थिति में वाहनों की गतिविधियों को समझने में मदद मिल सकती है।
ग्रेनेड मिलने की घटना सामान्य आपराधिक मामलों से अलग और बेहद संवेदनशील मानी जाती है। ऐसे मामलों में विस्फोटक के स्रोत तक पहुंचना जांच की सबसे महत्वपूर्ण कड़ियों में शामिल होता है। यही कारण है कि आरोपित से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति और संदिग्ध गतिविधि की जांच की जा रही है।
मामले में जम्मू-कश्मीर कनेक्शन सामने आने के बाद अब वहां से संबंधित जानकारी भी जुटाई जा सकती है। वाहनों के पंजीकरण रिकॉर्ड से मालिकों की पहचान होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि उनका नालागढ़ आने का कारण क्या था और आरोपित से उनका कोई संबंध था या नहीं। फिलहाल जांच शुरुआती तथ्यों और उपलब्ध सुरागों के आधार पर आगे बढ़ रही है। JK नंबर की गाड़ियों का आरोपित के घर पहुंचना जांच का एक महत्वपूर्ण बिंदु जरूर बना है, लेकिन इससे जुड़े निष्कर्ष आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।
नालागढ़ में ग्रेनेड मिलने की घटना के बाद से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सतर्कता बढ़ी है। जांच एजेंसियां इस बात की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं कि मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय था। अब जांच की नजर ग्रेनेड के स्रोत, आरोपित के संपर्कों और उसके घर पहुंची जम्मू-कश्मीर नंबर की गाड़ियों पर है। इन सभी कड़ियों को जोड़ने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी।
Next Story





