हिमाचल प्रदेश

शिमला में 30 नवंबर तक प्रमुख स्थानों पर धरना-रैलियों पर रोक

Kiran
4 Oct 2026 3:24 PM IST
शिमला में 30 नवंबर तक प्रमुख स्थानों पर धरना-रैलियों पर रोक
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Shimla कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए, जिला प्रशासन ने 30 नवंबर, 2026 तक राज्य की राजधानी में 10 प्रमुख स्थानों पर सार्वजनिक बैठकों, विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगा दिया है। शिमला के उपायुक्त (डीसी) अनुपम कश्यप द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, माल रोड और आसपास के निर्दिष्ट क्षेत्रों में जुलूस और रैलियां, नारे लगाना, बैंड बजाना और हथियार के रूप में इस्तेमाल की जा सकने वाली वस्तुओं को ले जाना प्रतिबंधित कर दिया गया है।
प्रतिबंध छोटा शिमला से कैनेडी हाउस और रिज तक भी लागू होंगे; रिवोली सिनेमा की ओर रेंडेज़वस रेस्तरां के 150 मीटर के भीतर का क्षेत्र; स्कैंडल प्वाइंट से काली बाड़ी मंदिर तक सड़क; छोटा शिमला गुरुद्वारा से छोटा शिमला-कसुम्पटी रोड तक लिंक रोड; छोटा शिमला चौक से राजभवन होते हुए ओक ओवर तक का मार्ग; छोटा शिमला गुरुद्वारे के पास कसुम्पटी रोड की ओर जाने वाली सीढ़ियाँ और फुटपाथ; कार्ट रोड से मजीठा हाउस तक लिंक रोड; एजी ऑफिस से कार्ट रोड की ओर जाने वाली सड़क; सीपीडब्ल्यूडी कार्यालय से वाइड ग्राउंड तक सड़क; और पुलिस गुमटी से उपायुक्त कार्यालय के ऊपर लोअर मार्केट की ओर 50 मीटर तक का क्षेत्र।
आदेश में कहा गया है कि इन क्षेत्रों में रैली, प्रदर्शन, सार्वजनिक बैठक या बैंड बजाने के लिए सक्षम प्राधिकारी से पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी। हालाँकि, प्रतिबंध आधिकारिक कर्तव्य निभाने वाले पुलिस, अर्धसैनिक और सेना के जवानों पर लागू नहीं होंगे।
उपायुक्त ने निवासियों और संगठनों से आदेशों का अनुपालन करने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने प्रवासी मजदूरों का सत्यापन और पंजीकरण भी अनिवार्य कर दिया है। डीसी ने कहा कि शिमला जिले में आने वाले किसी भी प्रवासी श्रमिक को नियोक्ता, ठेकेदार या व्यापारी द्वारा अनौपचारिक कार्य, सेवा गतिविधियों या अनुबंध श्रम में तब तक नियोजित नहीं किया जा सकता जब तक कि उसकी पहचान और पूर्ववृत्त सत्यापित न हो जाए। नियोक्ता को सत्यापन के लिए कर्मचारी का व्यक्तिगत विवरण, पासपोर्ट आकार का फोटो और अन्य प्रासंगिक दस्तावेज संबंधित पुलिस स्टेशन में जमा करना होगा।
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