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आरती की सफलता की कहानी, स्वयं सहायता समूह से मिली नई पहचान

मंडी: महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के लिए ग्रामीण महिलाएं स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। इसी कड़ी में मंडी जिला के थुनाग क्षेत्र की ग्राम पंचायत उड़ीधार की आरती कुमारी स्वयं सहायता समूह के सहयोग से कैंटीन चलाकर अपने परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में योगदान दे रही हैं। आरती कुमारी सरस्वती स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं।
समूह के माध्यम से उन्हें थुनाग मिनी सचिवालय में कैंटीन चलाने का अवसर मिला। वर्ष 2024 से वह एक अन्य महिला के साथ मिलकर कैंटीन का संचालन कर रही हैं। इस पहल से दोनों महिलाओं को रोजगार मिला है और वे अपनी आजीविका अर्जित कर रही हैं।
आरती कुमारी के अनुसार, कैंटीन के माध्यम से उन्हें हर महीने लगभग 15 हजार रुपए की आय हो जाती है। इससे वह घर का खर्च चलाने के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई की जरूरतों को भी पूरा करने में सहयोग कर रही हैं। स्वरोजगार से जुड़ने के बाद उन्हें परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियां निभाने में मदद मिली है और आत्मनिर्भर बनने की राह प्रशस्त हुई है।
आरती कुमारी ने बताया कि उन्हें राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एनआरएलएम के तहत दो लाख रुपए का ऋण मिला है। जिस पर 4 प्रतिशत ब्याज दर लागू है। इसके अतिरिक्त, स्वयं सहायता समूह को केंद्र सरकार की ओर से 15 हजार रुपए तथा प्रदेश सरकार की ओर से 25 हजार रुपए की स्टार्टअप राशि भी मिली है। इन आर्थिक सहयोगों से समूह की गतिविधियों को आगे बढ़ाने और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने में सहायता मिल रही है।
आरती कुमारी ने महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए प्रदेश सरकार और विशेषतौर पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया।





