हिमाचल प्रदेश

चट्टान गिरने के बाद वाहन में लगी आग, 6 माह के मासूम समेत 13 लोगों की मौत

SHIDDHANT
24 July 2026 7:43 PM IST
चट्टान गिरने के बाद वाहन में लगी आग, 6 माह के मासूम समेत 13 लोगों की मौत
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Shimla शिमला। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले की दूरदराज और दुर्गम पांगी घाटी में शुक्रवार को भारी चट्टान गिरने के कारण एक टाटा सूमो वाहन मलबे में दब गया। इस हादसे में 6 महीने के एक मासूम सहित 13 लोगों की मौत हो गई। पिछले कई दिनों से इस क्षेत्र में लगातार भारी बारिश हो रही है। हादसा उदयपुर-पांगी मार्ग पर करूनाला के पास हुआ, जहां पहाड़ का बड़ा हिस्सा टूटकर वाहन पर गिर गया। मलबे में दबने के बाद वाहन में आग भी लग गई। वाहन में सवार 15 लोगों में से दो यात्री हादसे से कुछ क्षण पहले कूदकर अपनी जान बचाने में सफल रहे। यह वाहन कुल्लू से पांगी जा रहा था।
लाहौल-स्पीति की उपायुक्त किरण बडाना ने बताया कि वाहन में चालक समेत 15 लोग सवार थे। यह वाहन उदयपुर-किलाड़ मार्ग से पांगी घाटी की ओर जा रहा था। यह सड़क भूस्खलन के कारण एक दिन पहले बंद कर दी गई थी। हादसे के बाद सीमा सड़क संगठन के जवानों ने तुरंत राहत और बचाव अभियान शुरू किया। भरमौर के विधायक जनक राज ने बताया कि चंबा और लाहौल-स्पीति के उपायुक्तों को राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, उदयपुर-किलाड़ मार्ग बंद होने के कारण सभी यात्री एक दिन पहले टिंडी में फंस गए थे।
सड़क
खुलने के बाद वे पांगी के लिए रवाना हुए थे। पांगी के रेजिडेंट कमिश्नर अमनदीप सिंह ने बताया कि लाहौल स्पीति पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गईं। किलाड़-उदयपुर मार्ग, जो चंबा के दुर्गम इलाके से होकर गुजरता है, मानसून के दौरान अक्सर भूस्खलन और चट्टान गिरने की घटनाओं के लिए संवेदनशील माना जाता है।
खराब मौसम और लगातार गिर रहे मलबे के कारण राहत और बचाव कार्य में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह या अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 26 जुलाई तक राज्य के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हादसे में 13 लोगों की मौत पर गहरा दुख जताया। उन्होंने लाहौल स्पीति के उपायुक्त को तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने और घायलों का बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
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