हिमाचल प्रदेश

हिमाचल में 9 और संक्रमितों की मौत, 2940 नए कोरोना मरीज

Deepa Sahu
21 Jan 2022 10:31 PM IST
हिमाचल में 9 और संक्रमितों की मौत, 2940 नए कोरोना मरीज
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हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार को नौ और कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हो गई है।

हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार को नौ और कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हो गई है। वहीं, प्रदेश में 2940 नए पॉजिटिव मामले आए हैं। प्रदेश में कोरोना की तीसरी लहर में शुक्रवार को एक दिन में अब तक सबसे ज्यादा मौतें दर्ज की गईं। इससे पहले गत दो दिन से 7-7 मौतें हुई थीं। राज्य में ओमिक्रॉन का नया मामला सामने नहीं आया है। शुक्रवार को कांगड़ा जिले में तीन, सिरमौर दो, जबकि सोलन, मंडी, शिमला और ऊना में एक-एक संक्रमित की मौत हुई है। प्रदेश में कोरोना से मरने वालों का कुल आंकड़ा 3908 पहुंच गया है। शुक्रवार को कोविड जांच के लिए 12,283 लोगों के सैंपल लिए गए। प्रदेश में संक्रमण के सक्रिय केस 17071 पहुंच गए हैं। सरकार कोरोना मरीजों के लिए 60000 किटें तैयार करेगी, जबकि अभी तक 50 फीसदी से कम किटें तैयार हो पाई हैं।

एचआरटीसी के 1100 बस रूट प्रभावित
हिमाचल प्रदेश में कोरोना संक्रमण की रफ्तार बढ़ने से एचआरटीसी के करीब 100 बस रूट प्रभावित हुए हैं। कोरोना काल में लोग बसों में सफर करने से परहेज कर रहे हैं। ऐसे में सवारियां कम मिलने के कारण परिवहन निगम को घाटा उठाना पड़ रहा है। निगम कई रूट क्लब कर बस सुविधा दे रहा है। तीसरी लहर के कारण प्रदेश में दिन-प्रतिदिन कोरोना संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इस कारण निगम की बसों में यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या भी तेजी से घटी है। पहले जिन रूटों में बसें सवारियों से भरी रहती थीं और मुनाफा कमा रही थीं। कोरोना के कारण अब उन रूटों पर सवारियां नहीं मिल रही हैं।
किशोरों के लिए कोविड दिशा-निर्देशों में संशोधन
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने बच्चों और किशोरों (18 वर्ष से कम) में कोविड-19 के प्रबंधन के लिए दिशा-निर्देशों में संशोधन किया है। बच्चों में कोविड-19 के प्रबंधन के लिए उन्हें बिना लक्षण वाले, हल्के मध्यम और गंभीर मामलों में वर्गीकृत किया है। कोविड-19 मामलों की संख्या में वृद्धि को ध्यान में रखते हुए बच्चों और किशोरों को बार-बार हाथ धोना, 2 मीटर की दूरी बनाए रखने, मास्क पहनना और खुले स्थानों में रहना और अच्छी तरह हवादार जैसे उचित व्यवहार का पालन करना सिखाएं। 15 से 18 साल के बच्चों को वैक्सीन लगवाएं।


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