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हिमाचल में वीरभद्र सिंह की 8 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण, सराहन में उमड़ा जनसैलाब

शिमला। हिमाचल प्रदेश के छह बार मुख्यमंत्री रहे स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की स्मृति में रविवार को शिमला जिले के रामपुर बुशहर स्थित सराहन में उनकी आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया गया। प्रसिद्ध माता भीमाकाली मंदिर परिसर में आयोजित समारोह में हजारों लोग अपने प्रिय नेता को श्रद्धांजलि देने पहुंचे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम में पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष एवं कैबिनेट रैंक मंत्री आरएस बाली भी शामिल हुए। वह चौपर से सराहन पहुंचे। इसके अलावा पूर्व मुख्य संसदीय सचिव नीरज भारती अपनी पत्नी के साथ कार्यक्रम में पहुंचे। समारोह में वीरभद्र सिंह के राजनीतिक जीवन और हिमाचल प्रदेश के विकास में उनके योगदान को याद किया गया।
माता भीमाकाली मंदिर परिसर में प्रतिमा का अनावरण
सराहन स्थित प्रसिद्ध माता भीमाकाली मंदिर परिसर में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की लगभग आठ फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की गई है।
प्रतिमा अनावरण समारोह को लेकर कई दिनों से तैयारियां चल रही थीं। रविवार को सुबह से ही रामपुर बुशहर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग सराहन पहुंचने लगे।
कार्यक्रम में वीरभद्र सिंह के समर्थकों, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों की बड़ी भागीदारी रही।
प्रतिमा स्थापना का उद्देश्य पूर्व मुख्यमंत्री की स्मृतियों को संरक्षित रखना और आने वाली पीढ़ियों को उनके सार्वजनिक जीवन से परिचित कराना बताया गया है।
सराहन वीरभद्र सिंह की जन्मभूमि होने के कारण भी इस आयोजन का विशेष महत्व है।
हजारों लोगों ने दी पूर्व मुख्यमंत्री को श्रद्धांजलि
प्रतिमा अनावरण समारोह में हजारों लोगों की मौजूदगी ने आयोजन को महत्वपूर्ण बना दिया।
कार्यक्रम की तैयारियों के दौरान आयोजकों ने लगभग आठ से दस हजार लोगों के पहुंचने की संभावना जताई थी।
रामपुर बुशहर के साथ विभिन्न क्षेत्रों से कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक कार्यक्रम में शामिल हुए।
कई लोग पूर्व मुख्यमंत्री की स्मृतियों से जुड़े अनुभव साझा करते दिखाई दिए। समारोह में उनके लंबे राजनीतिक जीवन और क्षेत्रीय विकास में योगदान को याद किया गया।
वीरभद्र सिंह दशकों तक हिमाचल प्रदेश की राजनीति का प्रमुख चेहरा रहे। इस कारण उनके समर्थकों के लिए यह कार्यक्रम भावनात्मक महत्व रखता है।
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री सहित कई नेता पहुंचे
सराहन में आयोजित समारोह में हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने भाग लिया।
उनके साथ लोक निर्माण मंत्री और वीरभद्र सिंह के पुत्र विक्रमादित्य सिंह, पूर्व सांसद एवं पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह तथा शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर भी मौजूद रहे।
पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष आरएस बाली चौपर से कार्यक्रम स्थल पहुंचे।
इसके अतिरिक्त पूर्व मुख्य संसदीय सचिव नीरज भारती अपनी पत्नी के साथ समारोह में शामिल हुए।
कार्यक्रम में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही।
समारोह ने वीरभद्र सिंह की राजनीतिक विरासत और उनके समर्थकों के साथ लंबे जुड़ाव को एक बार फिर सामने रखा।
54 पंचायतों से लाई गई मिट्टी
वीरभद्र सिंह की प्रतिमा स्थापना की एक विशेष बात यह रही कि इसके लिए रामपुर उपमंडल की 54 पंचायतों से मिट्टी एकत्र की गई थी।
आयोजकों के अनुसार, इसका उद्देश्य प्रतिमा स्थापना को क्षेत्र के लोगों की भावनाओं और सहभागिता से जोड़ना था।
इससे पहले सितंबर में कलश यात्रा भी निकाली गई थी, जिसके माध्यम से विभिन्न पंचायतों के लोगों को आयोजन में शामिल किया गया।
बुशहर स्पोर्ट्स, कल्चर एंड एनवायरमेंट एसोसिएशन ने कार्यक्रम की तैयारियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल सोनी ने बताया था कि वीरभद्र सिंह की प्रतिमा उनकी जन्मभूमि में स्थापित करना क्षेत्र के लोगों के लिए विशेष महत्व रखता है।
छह बार मुख्यमंत्री रहे वीरभद्र सिंह
वीरभद्र सिंह हिमाचल प्रदेश की राजनीति के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे। उन्होंने छह बार प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली।
उनका राजनीतिक जीवन कई दशकों तक फैला रहा। उन्होंने राज्य सरकार के साथ केंद्र की राजनीति में भी महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया।
वीरभद्र सिंह पहली बार वर्ष 1983 में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे। इसके बाद अलग-अलग कार्यकालों में उन्होंने प्रदेश का नेतृत्व किया।
उनका अंतिम मुख्यमंत्री कार्यकाल वर्ष 2012 से 2017 तक रहा।
उन्होंने 8 जुलाई 2021 को अंतिम सांस ली थी। उनके निधन के बाद राज्य में विभिन्न स्थानों पर उनकी स्मृति में आयोजन होते रहे हैं।
रामपुर बुशहर से रहा गहरा जुड़ाव
पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का रामपुर बुशहर क्षेत्र से ऐतिहासिक और पारिवारिक संबंध रहा है।
सराहन उनकी जन्मभूमि है और बुशहर क्षेत्र से उनका विशेष जुड़ाव माना जाता है।
वीरभद्र सिंह के समर्थक उन्हें उनके लंबे राजनीतिक जीवन और जनसंपर्क के लिए याद करते हैं।
उनकी प्रतिमा स्थापित किए जाने को स्थानीय लोग इस ऐतिहासिक संबंध को संरक्षित रखने के प्रयास के रूप में देख रहे हैं।
कार्यक्रम में उनके समर्थकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान को याद किया।
विक्रमादित्य सिंह और प्रतिभा सिंह की मौजूदगी रही महत्वपूर्ण
प्रतिमा अनावरण समारोह में वीरभद्र सिंह के पुत्र एवं लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह तथा उनकी पत्नी और पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह की उपस्थिति विशेष रही।
दोनों लंबे समय से वीरभद्र सिंह की राजनीतिक और सामाजिक विरासत से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय रहे हैं।
विक्रमादित्य सिंह ने प्रतिमा अनावरण से पहले सराहन में आयोजित कार्यक्रम के महत्व को लेकर अपनी बात रखी थी।
उन्होंने इसे वीरभद्र सिंह के प्रति क्षेत्र के लोगों के सम्मान और भावनात्मक जुड़ाव का अवसर बताया था।
प्रतिभा सिंह भी परिवार के अन्य सदस्यों के साथ समारोह में शामिल हुईं।
कार्यक्रम के लिए किए गए थे व्यापक इंतजाम
हजारों लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सराहन में प्रशासन और आयोजकों की ओर से विशेष तैयारियां की गई थीं।
रामपुर के एसडीएम हर्ष अमरेंद्र सिंह ने कार्यक्रम से पहले संबंधित विभागों और आयोजन समिति के प्रतिनिधियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की थी।
इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण, वाहनों की पार्किंग और पेयजल जैसी आवश्यक सुविधाओं पर चर्चा हुई थी।
कार्यक्रम में लगभग 1,500 से 2,000 वाहनों के पहुंचने की संभावना जताई गई थी।
भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने पार्किंग और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की योजना बनाई थी।
हिमाचल के विकास में योगदान को किया याद
वीरभद्र सिंह के राजनीतिक जीवन का बड़ा हिस्सा हिमाचल प्रदेश के प्रशासन और विकास से जुड़ा रहा।
उनके कार्यकालों में सड़क संपर्क, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण क्षेत्रों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने से जुड़ी अनेक योजनाएं लागू की गईं।
समर्थक उनके लंबे सार्वजनिक जीवन और प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों से संपर्क को उनकी प्रमुख विशेषताओं में गिनते हैं।
सराहन में आयोजित समारोह में भी उनके इसी योगदान और राजनीतिक जीवन को याद किया गया।
उनकी प्रतिमा को स्थानीय इतिहास तथा राजनीतिक स्मृतियों के संरक्षण के रूप में देखा जा रहा है।
शिमला के बाद सराहन में स्थापित हुई प्रतिमा
वीरभद्र सिंह की स्मृति में इससे पहले शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर भी उनकी प्रतिमा स्थापित की जा चुकी है।
अब उनकी जन्मभूमि सराहन में प्रतिमा का अनावरण होने से उनके जीवन से जुड़े एक और महत्वपूर्ण स्थान पर स्मृति स्थल स्थापित हुआ है।
इस आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने पूर्व मुख्यमंत्री के साथ क्षेत्र के पुराने राजनीतिक और भावनात्मक जुड़ाव को दर्शाया।
प्रतिमा अनावरण के साथ लोगों ने वीरभद्र सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके सार्वजनिक जीवन को याद किया।





