हिमाचल प्रदेश

कांगड़ा का 5 वर्षीय शतरंज होनहार FIDE-रेटेड खिलाड़ी बना

Ratna Netam
3 April 2026 6:51 PM IST
कांगड़ा का 5 वर्षीय शतरंज होनहार FIDE-रेटेड खिलाड़ी बना
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Kangra.कांगड़ा: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले से एक पांच वर्षीय शतरंज प्रतिभा ने अपनी अद्भुत क्षमता से सबका ध्यान आकर्षित किया है। इस छोटे से खिलाड़ी ने न केवल अपनी उम्र के हिसाब से असाधारण प्रदर्शन किया है, बल्कि वह अब FIDE (अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ) रेटिंग पाने वाला सबसे कम उम्र का खिलाड़ी भी बन गया है।
छोटे खिलाड़ी की यह उपलब्धि स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है। उनके परिवार और कोच का कहना है कि यह केवल उनकी प्रतिभा का परिणाम नहीं है, बल्कि नियमित अभ्यास, सही मार्गदर्शन और बच्चों में खेल के प्रति उत्साह का भी नतीजा है। उन्होंने बताया कि बच्चा केवल पांच साल की उम्र में जटिल शतरंज रणनीतियों और चालों को समझने और उनका सही उपयोग करने में सक्षम है।
FIDE-रेटिंग हासिल करना किसी भी शतरंज खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। यह रेटिंग खिलाड़ियों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता और उनके कौशल का प्रमाण है। इस छोटे खिलाड़ी के मामले में, यह उपलब्धि विशेष रूप से उल्लेखनीय है क्योंकि आमतौर पर FIDE-रेटेड खिलाड़ी युवा या किशोरावस्था में ही आते हैं, जबकि कांगड़ा का यह बच्चा केवल पांच वर्ष का है।
स्थानिय कोच और विशेषज्ञों ने बताया कि इस तरह की सफलता की कुंजी बच्चे में शुरुआती उम्र से खेल के प्रति रुचि पैदा करना और उसे नियमित प्रशिक्षण देना है। उन्होंने कहा कि सही प्रशिक्षण और सकारात्मक माहौल बच्चे की प्रतिभा को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
छोटे खिलाड़ी की यह उपलब्धि न केवल कांगड़ा, बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। स्थानीय मीडिया और शतरंज प्रेमियों ने इसे बड़ी सराहना दी है। इसके अलावा, विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की प्रतिभा भविष्य में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का नाम रोशन कर सकती है।
बच्चे के परिवार ने भी कहा कि उनकी प्राथमिकता अब उसकी शिक्षा और मानसिक विकास को ध्यान में रखते हुए शतरंज में प्रशिक्षण जारी रखना है। उन्होंने बताया कि उनके लिए यह महत्वपूर्ण है कि वह खेल के साथ-साथ सामान्य शिक्षा में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करे।
विशेषज्ञों का मानना है कि कांगड़ा का यह 5 वर्षीय खिलाड़ी भविष्य में शतरंज के क्षेत्र में नई मिसालें कायम कर सकता है। उन्होंने कहा कि यदि बच्चे को सही मार्गदर्शन, संसाधन और प्रतिस्पर्धा का अवसर मिले, तो वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान हासिल कर सकता है।
कुल मिलाकर, कांगड़ा के इस छोटे शतरंज खिलाड़ी की FIDE-रेटिंग प्राप्ति न केवल उसके परिवार और कोच के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे राज्य में खेल और युवा प्रतिभाओं के प्रति उत्साह और प्रेरणा का स्रोत भी है। यह उपलब्धि यह दिखाती है कि सही मार्गदर्शन और समर्पण से उम्र कोई बाधा नहीं बन सकती और छोटे बच्चे भी बड़े सपने साकार कर सकते हैं।
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