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हिमाचल प्रदेश
हिमाचल में 2.86 लाख महिलाओं को 1500 रुपये मिलने की उम्मीद, पात्रता की छंटनी शुरू
nidhi
26 Oct 2026 8:33 AM IST

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महिलाओं की आर्थिक सहायता पर आगे बढ़ी सुक्खू सरकार
शिमला: हिमाचल प्रदेश में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की सहायता देने की दिशा में तैयारियां आगे बढ़ रही हैं। इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना के तहत पात्र महिलाओं की पहचान के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ऑनलाइन आंकड़ों की छंटनी कर रहा है। करीब 2.86 लाख महिलाओं को लाभ मिलने की उम्मीद जताई गई है। हालांकि, यह संभावित संख्या है। अंतिम लाभार्थी सूची और भुगतान शुरू होने की तारीख को लेकर सरकार के औपचारिक निर्णय का इंतजार है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, छंटनी प्रक्रिया में फिलहाल लगभग 36 हजार महिलाओं का चयन किया जा चुका है। गरीब परिवारों की 21 से 59 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं की पात्रता परखी जा रही है। पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त करने वाली महिलाओं को इस विस्तार के दायरे में शामिल नहीं किए जाने की बात सामने आई है। ऐसे में केवल आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से संबंध होना पर्याप्त नहीं होगा। आयु और अन्य निर्धारित शर्तों के आधार पर पात्रता तय की जाएगी।
सरकार के चार वर्ष पूरे होने के अवसर पर महिला सहायता और अन्य कल्याणकारी सुविधाओं से जुड़ी घोषणा की संभावना है। इसके लिए हमीरपुर में कार्यक्रम आयोजित करने पर विचार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने 11 दिसंबर 2022 को शपथ ली थी। इस कारण 11 दिसंबर का प्रस्तावित कार्यक्रम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लेकिन किसी कार्यक्रम में घोषणा की संभावना को उसी दिन राशि जारी होने की पुष्टि नहीं समझना चाहिए।
इस पहल का संबंध गरीब परिवारों के लिए तैयार की जा रही व्यापक सहायता व्यवस्था से भी है। मुख्यमंत्री ने अक्टूबर की शुरुआत में कहा था कि सरकार ‘अपना परिवार, सुखी परिवार’ योजना जल्द शुरू करेगी। योजना से जुड़ी तैयारियों में महिलाओं को मासिक सहायता के साथ जरूरतमंद परिवारों को दूसरी सुविधाएं देने की बात भी शामिल रही है। इससे स्पष्ट है कि सरकार नकद सहायता और परिवारों के घरेलू खर्च से जुड़े उपायों को एक साथ आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।
गरीब परिवारों को 300 यूनिट तक निश्शुल्क बिजली देने और पक्के मकान से वंचित परिवारों को चरणबद्ध आवास सहायता उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी सामने आया है। इन सुविधाओं का लाभ चयनित परिवारों को निर्धारित शर्तों के अनुसार दिए जाने की योजना है। महिला सहायता, बिजली राहत और आवास सहायता को एक ही पात्रता सूची या स्वतः मिलने वाले संयुक्त लाभ के रूप में मान लेना उचित नहीं होगा। प्रत्येक सुविधा का वास्तविक दायरा संबंधित अंतिम दिशा-निर्देशों से स्पष्ट होगा।
लाभार्थियों की संभावित संख्या को लेकर विभिन्न चरणों में अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। सितंबर की तैयारियों में करीब ढाई लाख महिलाओं को सहायता देने का अनुमान था। उस समय आठवें चरण के सत्यापन के बाद लगभग 2.41 लाख आवेदन ग्रामीण विकास विभाग तक पहुंचने और अगले चरण में अतिरिक्त आवेदन जुड़ने की संभावना बताई गई थी। इन पुराने अनुमानों को वर्तमान अंतिम संख्या नहीं माना जा सकता। आवेदन, सत्यापित परिवार और स्वीकृत लाभार्थी अलग-अलग प्रशासनिक श्रेणियां हैं।
एक अन्य ताजा विवरण में 2,76,493 सत्यापित परिवारों के भीतर 21 से 59 वर्ष आयु वर्ग की 3,06,947 महिलाओं का उल्लेख किया गया है। वहीं, मौजूदा खबर में लगभग 2.86 लाख संभावित लाभार्थियों की बात है। दोनों आंकड़ों का आधार और अंतिम पात्रता कटौती का पूरा विवरण उपलब्ध नहीं है। इसलिए इन्हें जोड़कर नई संख्या निकालना या सभी सत्यापित महिलाओं को स्वीकृत लाभार्थी घोषित करना सही नहीं होगा। विभागीय सूची जारी होने पर ही वास्तविक लाभार्थी संख्या स्पष्ट होगी।
योजना की आर्थिक उपयोगिता को राशि के आधार पर समझा जा सकता है। किसी पात्र महिला को लगातार 12 महीने तक 1500 रुपये मिलते हैं तो उसकी वार्षिक सहायता 18 हजार रुपये होगी। यह केवल मासिक राशि का गणितीय हिसाब है; इससे पिछले महीनों का बकाया या एकमुश्त भुगतान स्वीकृत होने का निष्कर्ष नहीं निकलता। इसी तरह, यदि अंतिम रूप से 2.86 लाख महिलाओं को पूरे वर्ष सहायता मिले तो भुगतान का कुल गणित लगभग 514.8 करोड़ रुपये होगा। इसे घोषित बजट आवंटन नहीं माना जाना चाहिए।
पात्र महिलाओं को मिलने वाली नियमित राशि घरेलू जरूरतों में अतिरिक्त सहारा दे सकती है। हालांकि, परिवार पर उसका वास्तविक असर आय, खर्च और सहायता की नियमितता पर निर्भर करेगा। भुगतान व्यवस्था के बारे में पहले सामने आए विवरणों में लाभ सीधे बैंक खातों में पहुंचाने की तैयारी बताई गई थी। अंतिम क्रियान्वयन में पात्रता स्वीकृति और भुगतान की प्रक्रिया महत्वपूर्ण रहेगी। महिलाओं के लिए सबसे उपयोगी जानकारी उनकी व्यक्तिगत स्वीकृति की स्थिति और विभाग द्वारा जारी पहली किस्त की आधिकारिक तारीख होगी।
अभी उपलब्ध खबरों में नई आवेदन अंतिम तिथि, सभी जरूरी दस्तावेजों की सूची और भुगतान का निश्चित दिन स्पष्ट नहीं किया गया है। इसलिए पुराने कार्यक्रमों या अनुमानित तारीखों को नई प्रक्रिया की समयसीमा मानकर आवेदन संबंधी फैसला नहीं करना चाहिए। इस चरण में छंटनी आगे बढ़ने से आर्थिक सहायता की उम्मीद मजबूत हुई है, लेकिन राशि मिलने की पुष्टि पात्रता जांच, अंतिम सरकारी निर्णय और भुगतान आदेश के बाद ही होगी। प्रस्तावित हमीरपुर कार्यक्रम पर भी इसी कारण नजर बनी हुई है।
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