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हिमाचल प्रदेश
शूलिनी यूनिवर्सिटी के 25 वैज्ञानिकों ने दुनिया में बनाई पहचान
Kiran
19 Oct 2026 2:24 PM IST

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एल्सेवियर (Elsevier) द्वारा जारी 'दुनिया के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों' की नवीनतम सूची में शूलिनी यूनिवर्सिटी के 25 शोधकर्ताओं को जगह मिली है, जिनमें से सात शोधकर्ता 'करियर-भर के शोध प्रभाव' (career-long research impact) की श्रेणी में भी शामिल हैं। यह उपलब्धि पर्यावरण विज्ञान, नैनोटेक्नोलॉजी, केमिकल इंजीनियरिंग, बायोटेक्नोलॉजी और फार्माकोलॉजी सहित 12 वैज्ञानिक क्षेत्रों में मिली है।
शूलिनी यूनिवर्सिटी के चांसलर, प्रो. पी.के. खोसला ने इस उपलब्धि को यूनिवर्सिटी के मूल लक्ष्य की दिशा में एक प्रगति बताया। उन्होंने कहा, "जब हमने शूलिनी की शुरुआत की थी, तब हमारा एक सरल लेकिन बड़ा सपना था—एक ऐसी यूनिवर्सिटी बनाना, जहाँ युवा अपने आस-पास के ज्ञान से प्रेरित हो सकें, जिज्ञासु बनें, सही सवाल पूछें और अंततः दुनिया पर अपना सकारात्मक प्रभाव छोड़ सकें। हमारे 25 शोधकर्ताओं को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलना इस बात का प्रमाण है कि हम लगातार अपने उस सपने की ओर बढ़ रहे हैं।"
स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के प्रो. जॉन पी.ए. इओनिडिस के नेतृत्व वाली शोध टीम द्वारा तैयार किया गया यह डेटाबेस, स्कोपस (Scopus) डेटा का उपयोग करके 'साइटेशन इम्पैक्ट' (citation impact) को मापता है। इसमें चयन, 'कंपोजिट साइटेशन स्कोर' के आधार पर शीर्ष 1,00,000 वैज्ञानिकों में जगह बनाने या किसी विशिष्ट वैज्ञानिक क्षेत्र के शीर्ष 2% में शामिल होने के आधार पर किया जाता है।
इस व्यक्तिगत पहचान के अलावा, अक्टूबर में अपडेट किए गए यूनिवर्सिटी के शोध डेटा के अनुसार, 2009 से 2026 के बीच यहाँ 6,086 प्रकाशन हुए हैं, जिनका h-इंडेक्स 174 है और प्रति शोध-पत्र औसतन 32.1 साइटेशन दर्ज किए गए हैं।
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