हिमाचल प्रदेश

MC चुनाव में 1,147 उम्मीदवारों ने कायम रखा मुकाबला, 237 ने छोड़ा रास्ता

Payal
7 May 2026 3:51 PM IST
MC चुनाव में 1,147 उम्मीदवारों ने कायम रखा मुकाबला, 237 ने छोड़ा रास्ता
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Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश में नगर निगम और नगर परिषद (एमसी) चुनाव के नामांकन प्रक्रिया के अंतिम चरण के बाद कुल 237 उम्मीदवारों ने अपना नाम वापस ले लिया, जिससे अब कुल 1,147 उम्मीदवार चुनाव मैदान में बने हुए हैं। यह आंकड़ा राज्य में स्थानीय चुनावों में सक्रिय राजनीतिक प्रतिस्पर्धा और उम्मीदवारों की संख्या को दर्शाता है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने बताया कि नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि तक कुल 1,384 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र जमा किए थे। नाम वापसी प्रक्रिया पूरी होने के बाद 237 उम्मीदवारों ने चुनाव में भाग नहीं लेने का निर्णय लिया। इसके साथ ही 1,147 उम्मीदवारों की सूची अब अंतिम रूप से तय हो गई है।
हिमाचल प्रदेश के चुनाव अधिकारी ने कहा कि यह प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संपन्न हुई। उन्होंने बताया कि नाम वापस लेने वाले उम्मीदवारों में प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी शामिल हैं, जबकि कई निर्दलीय उम्मीदवार भी अपने नामांकन वापस ले चुके हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह नाम वापसी चुनावी रणनीति का हिस्सा भी हो सकती है। कई उम्मीदवार ने अपने दलों या गठबंधन के दबाव में नाम वापसी की, ताकि वोट बंटवारा कम हो और संबंधित उम्मीदवारों की जीत की संभावनाएं बढ़ाई जा सकें।
राजनीतिक विश्लेषक डॉ. मनोज ठाकुर ने कहा, “नामांकन वापसी से चुनाव का मैदान साफ और निर्णायक बनता है। अब जो 1,147 उम्मीदवार बचे हैं, उनके बीच मुकाबला कड़ा होगा। विशेष रूप से बड़े शहरों और प्रमुख नगर निगमों में यह मुकाबला और भी रोचक होगा।”
हिमाचल प्रदेश में नगर निगम और नगर परिषद चुनाव के तहत कुल 100 से अधिक वार्डों में वोटिंग होगी। प्रत्येक वार्ड में उम्मीदवारों की संख्या और राजनीतिक समीकरण को देखते हुए चुनाव अधिकारी पर्याप्त सुरक्षा और मतदान व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।
स्थानीय जनता ने इस प्रक्रिया का स्वागत किया। लोगों का कहना है कि पारदर्शी नामांकन प्रक्रिया और उम्मीदवारों की संख्या चुनाव की निष्पक्षता और लोकतांत्रिक मूल्य को मजबूत करती है। चुनाव अधिकारी भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि मतदान के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता न हो।
राजनीतिक दलों ने भी अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। अब उनका फोकस चुनाव प्रचार, मतदाताओं तक पहुंच और मतदान के दिन की रणनीति पर है। राज्य में चुनाव अधिकारी, पुलिस और प्रशासन सभी मिलकर शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने में जुटे हुए हैं।
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