
जूई: क्षेत्र में यूरिया की किल्लत के बीच रविवार को दो ट्रक में 1100 बैग खाद जूई पैक्स पहुंचे। सूचना मिलते ही सोमवार को सुबह 5 बजे 28 गांवों के हजारों किसान जूई अनाजमंडी में बने पैक्स गोदाम पर जुट गए।
किसान सतबीर, वेदपाल, मनीष, राजकुमार और जयभगवान ने बताया कि वे सुबह 6 बजे से लाइन में खड़े थे, लेकिन मशीन न चलने के कारण खाद नहीं मिल सकी। किसानों ने अपने स्तर पर रजिस्ट्रेशन कॉपी लगाई, जिसमें आने वाले किसानों के नाम दर्ज किए गए। प्रबंधन ने मंगलवार सुबह पैक्स प्रांगण में मशीन पर अंगूठा लगवाकर खाद वितरित करने का आश्वासन दिया।किसानों ने प्रशासन से कम से कम 6 हजार बैग की आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की ताकि वे समय पर अपनी सरसों और गेहूं की फसल में पहला पानी डाल सकें।
किसान बोले यूरिया न मिली तो फसलें हो जाएंगी कमजोर : किसानों का कहना है कि गेहूं, सरसों आदि फसलों की बढ़वार के यूरिया बहुत जरूरी है। यूरिया समय पर देने से पौधों की वृद्धि, गुणवत्ता और पैदावार बेहतर होती है। समय पर यूरिया नहीं देंगे तो फसल कमजोर हो जाएगी। सरकार और एजेंसी जल्दी यूरिया भेजे ताकि इसे हम खेत में समय पर डाल सकें और फसल अच्छी हो।





