
जूई: जलभराव के बाद अब जिले के किसानों यूरिया किल्लत से जूझ रहे हैं। मंगलवार को कस्बा जूई के खाद वितरण केंद्र पर अल सुबह तीन बजे से ही किसानों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई। सोमवार को हुए हंगामे के बाद मंगलवार को ग्रामीणों, पुलिस और पैक्स प्रबंधन के सहयोग से पुलिस के पहरे के बीच 1300 कट्टे यूरिया बांटी गई। हालांकि अब रबी सीजन की फसल बिजाई के बाद किसानों को खाद की और भी अधिक जरूरत है।
किसानों ने यूं बयां की परेशानी: खाद की किल्लत लंबे समय से चल रही है। 4 बैग खाद मिलना थोड़ा कम है, हमें और खाद की जरूरत है, क्योंकि अगर समय पर खाद नहीं मिली तो फसल सूखने का डर है।
खाद की आपूर्ति के बाद ही हम अपने खेतों में काम शुरू कर पाएंगे। अभी भी और खाद की आवश्यकता है। सरकार को किसानाें की समस्या का समाधान करना चाहिए।
30 एकड़ में फसल बिजाई कर रखी है लेकिन एक बार में 4 बैग मिलना काफी नहीं है। अगर प्रशासन और खाद उपलब्ध करवा दे तो एक किसान को 10 बैग यूरिया दिए जा सकते हैं।
खाद के लिए लंबी कतारों में लगना एक बड़ी समस्या है। अगर खाद का नियमित भंडारण केंद्र पर उपलब्ध हो तो किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।
अब तक 8000 बैग यूरिया किसानों में वितरित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि खाद की लगातार बढ़ती मांग को देखते हुए आगामी आपूर्ति के लिए संबंधित विभाग से और डिमांड भेजी गई है।





