
चंडीगढ़: वन्य प्राणी सुरक्षा सप्ताह के अवसर पर वन्यजीव प्रेमियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश के चिड़ियाघरों में आने वाले पर्यटकों से इस बार एक सप्ताह तक कोई प्रवेश शुल्क नहीं लिया जाएगा।
दो अक्टूबर से आठ अक्टूबर तक बच्चे और बड़े बिना टिकट चिड़ियाघरों में जाकर वन्यजीवों को करीब से देख सकेंगे। वन एवं वन्यजीव विभाग ने लोगों में वन्यजीवों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और संरक्षण के संदेश को मजबूत करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया है।
वन्यजीव संरक्षण को लेकर बढ़ेगी जागरूकता
वन्य प्राणी सुरक्षा सप्ताह हर वर्ष दो अक्टूबर से आठ अक्टूबर तक मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को वन्यजीवों के महत्व, उनके संरक्षण और पर्यावरण संतुलन में उनकी भूमिका के बारे में जागरूक करना है।
इस दौरान विभाग की ओर से कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनके माध्यम से लोगों को वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए प्रेरित किया जाता है।
चिड़ियाघरों में मुफ्त प्रवेश की सुविधा
वन एवं वन्यजीव विभाग ने इस वर्ष वन्य प्राणी सुरक्षा सप्ताह के तहत चिड़ियाघरों में प्रवेश शुल्क माफ करने का फैसला लिया है।
इसका लाभ प्रदेश के भिवानी, रोहतक और कुरुक्षेत्र स्थित चिड़ियाघरों में आने वाले पर्यटकों को मिलेगा। लोग पूरे सप्ताह बिना टिकट इन स्थानों का भ्रमण कर सकेंगे।
बच्चों और बड़ों में उत्साह
चिड़ियाघरों में वन्यजीवों को देखने के लिए हर दिन बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। खासकर बच्चे वन्यजीवों को करीब से देखने के लिए काफी उत्साहित रहते हैं।
प्रवेश शुल्क माफ होने से इस सप्ताह अधिक संख्या में परिवारों के चिड़ियाघरों में पहुंचने की उम्मीद है।
सामान्य दिनों में लगता है शुल्क
आम दिनों में चिड़ियाघरों में प्रवेश के लिए शुल्क निर्धारित है। सामान्य तौर पर बच्चों के लिए 20 रुपये और बड़ों के लिए 30 रुपये प्रवेश शुल्क लिया जाता है।
वन्य प्राणी सुरक्षा सप्ताह के दौरान यही शुल्क पूरी तरह माफ रहेगा, जिससे पर्यटक बिना किसी अतिरिक्त खर्च के चिड़ियाघर घूम सकेंगे।
संरक्षण के संदेश को मिलेगा बढ़ावा
विभाग का मानना है कि अधिक से अधिक लोगों के चिड़ियाघरों तक पहुंचने से वन्यजीव संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ेगी।
चिड़ियाघर केवल मनोरंजन के स्थान नहीं हैं, बल्कि वन्यजीवों के संरक्षण, शोध और लोगों को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
स्कूलों और बच्चों के लिए खास अवसर
वन्य प्राणी सुरक्षा सप्ताह के दौरान बच्चों और विद्यार्थियों के लिए यह एक खास अवसर होगा। वे वन्यजीवों को देखकर उनके जीवन, व्यवहार और संरक्षण के महत्व को समझ सकेंगे।
ऐसे कार्यक्रम बच्चों में प्रकृति और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में मदद करते हैं।
वन्यजीवों की सुरक्षा पर जोर
वन एवं वन्यजीव विभाग लगातार वन्यजीवों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए काम कर रहा है। जंगलों और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए आम लोगों की भागीदारी को भी जरूरी माना जाता है।
विभाग का प्रयास है कि लोग वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों से बचें और पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें।
चिड़ियाघरों में बढ़ेगी पर्यटकों की संख्या
प्रवेश शुल्क में छूट मिलने के कारण वन्य प्राणी सुरक्षा सप्ताह के दौरान चिड़ियाघरों में पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना है।
भिवानी, रोहतक और कुरुक्षेत्र के चिड़ियाघर पहले से ही लोगों के आकर्षण का केंद्र हैं। अब मुफ्त प्रवेश की सुविधा मिलने से यहां आने वाले लोगों की संख्या और बढ़ सकती है।
संरक्षण अभियान को मिलेगी नई गति
वन्य प्राणी सुरक्षा सप्ताह के जरिए सरकार और वन विभाग लोगों तक यह संदेश पहुंचाना चाहते हैं कि वन्यजीवों का संरक्षण सभी की जिम्मेदारी है।
चिड़ियाघरों में मुफ्त प्रवेश का निर्णय इसी अभियान का हिस्सा है, ताकि अधिक से अधिक लोग वन्यजीवों को समझें और उनके संरक्षण के प्रति जागरूक हों।





