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फरीदाबाद में महिला आयोग की सुनवाई: 38 मामलों की समीक्षा, कई घरेलू हिंसा केस सुलझे

SHIDDHANT
27 Nov 2025 10:51 PM IST
फरीदाबाद में महिला आयोग की सुनवाई: 38 मामलों की समीक्षा, कई घरेलू हिंसा केस सुलझे
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Haryana हरियाणा: राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया ने मंगलवार को फरीदाबाद जिले में लंबित और नए मामलों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि आज कुल 38 मामलों पर सुनवाई की गई, जिनमें महिलाओं से जुड़े विभिन्न विवाद, घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना और वैवाहिक कलह के मामले शामिल थे। इसके अलावा 3 नए मामलों की भी सुनवाई की गई, जिनकी अगली तारीख तय कर दी जाएगी।चेयरपर्सन रेणु भाटिया ने जानकारी दी कि आज 17 से अधिक मामलों की विस्तृत सुनवाई की गई। इनमें से कई मामले ऐसे थे जो लंबे समय से लंबित चल रहे थे और जिनमें दोनों पक्षों से बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास किया गया। उन्होंने बताया कि 4–5 मामलों का निपटारा आपसी सहमति के आधार पर किया गया है। इनमें
म्यूचुअल डिवोर्स,
कोर्ट एग्रीमेंट और लिखित सहमति से किए गए फैसले प्रमुख हैं।
उन्होंने बताया कि लगभग 6–7 मामले घरेलू हिंसा से जुड़े रहे। इन मामलों में महिलाओं ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर मारपीट, मानसिक उत्पीड़न और आर्थिक प्रताड़ना जैसे आरोप लगाए थे। आयोग की ओर से पीड़ित महिलाओं को पूरी सुरक्षा और कानूनी सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया। साथ ही ऐसे मामलों में काउंसलिंग, समझौते और कानूनी कार्रवाई तीनों विकल्पों पर जोर दिया गया। रेणु भाटिया ने कहा कि महिला आयोग का उद्देश्य महिलाओं को न्याय दिलाना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है। आयोग हर संभव तरीके से पीड़ित महिलाओं के साथ खड़ा है। उन्होंने यह भी बताया कि कई मामलों में दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित करने से समाधान निकल गया, जिससे परिवारिक विवाद शांतिपूर्वक निपटा।
चेयरपर्सन ने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में तेजी से कार्रवाई की जाए और पीड़ितों को समय पर सहायता मिले। उन्होंने सभी महिलाओं से भी अपील की कि किसी भी प्रकार की प्रताड़ना का सामना करने पर वे चुप न रहें और तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। फरीदाबाद में हुई इस सुनवाई में जिला महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस प्रतिनिधियों और कानूनी विशेषज्ञों ने भी भाग लिया। आयोग आने वाले दिनों में अन्य जिलों में भी ऐसी ही सुनवाई करेगा, ताकि महिलाओं से जुड़े मामलों का समय पर समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
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