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पंजाब-हरियाणा में मौसम बदलेगा, 28 से 31 अक्टूबर तक बारिश की संभावना

Kiran
27 Oct 2026 11:02 AM IST
पंजाब-हरियाणा में मौसम बदलेगा, 28 से 31 अक्टूबर तक बारिश की संभावना
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Punjab क्षेत्र के कुछ हिस्सों में दो दिनों की बारिश के बाद, एक और बारिश का दौर आने की संभावना है। मौसम विभाग ने इस हफ्ते के आखिर में पंजाब और हरियाणा के कुछ इलाकों में लगातार चार दिनों तक बारिश होने का अनुमान जताया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 26 अक्टूबर को बताया कि 28 से 31 अक्टूबर के बीच कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है। इसके अलावा, 29 और 30 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिसके लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है। उत्तर-पश्चिम भारत पर 'वेस्टर्न डिस्टर्बेंस' (पश्चिमी विक्षोभ) का असर पड़ने की संभावना है। 27 अक्टूबर की रात से एक नया 'वेस्टर्न डिस्टर्बेंस' उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है। उत्तर हरियाणा के ऊपर पहले से ही एक 'वेस्टर्न डिस्टर्बेंस' मौजूद है, जो अभी समुद्र तल से 3,100 से 4,500 मीटर की ऊंचाई पर बना हुआ है।
पिछले दो दिनों में पंजाब और हरियाणा के कुछ इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की गई, जबकि दोनों राज्यों में दिन और रात का तापमान सामान्य बना रहा। पंजाब में पिछले 24 घंटों के दौरान सबसे अधिक तापमान बठिंडा में 32.2 डिग्री सेल्सियस और सबसे कम तापमान आदमपुर में 12.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हरियाणा में सबसे अधिक तापमान फरीदाबाद में 32.4 डिग्री सेल्सियस और सबसे कम तापमान हिसार में 12.7 डिग्री सेल्सियस रहा।
पंजाब और हरियाणा में अक्टूबर में अब तक हुई बारिश 'लॉन्ग-पीरियड एवरेज' (LPA) से काफी अधिक रही है। पंजाब में अक्टूबर में अब तक हुई बारिश LPA से 255 प्रतिशत ज्यादा है, जबकि हरियाणा में यह LPA से 181 प्रतिशत अधिक है। 1 अक्टूबर से 26 अक्टूबर की सुबह तक, पंजाब में 27.7 मिमी बारिश हुई, जबकि इस अवधि के लिए LPA 7.8 मिमी है। इसी तरह, हरियाणा में 9 मिमी के LPA के मुकाबले 25.3 मिमी बारिश दर्ज की गई। पंजाब के सभी जिलों में अक्टूबर में सामान्य से अधिक बारिश हुई है, जिसमें अतिरिक्त बारिश का आंकड़ा 20 प्रतिशत से लेकर 1,129 प्रतिशत तक है। पठानकोट, होशियारपुर और गुरदासपुर जिलों में सबसे ज्यादा बारिश हुई है। हरियाणा के तीन जिलों — भिवानी, महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी — को छोड़कर, बाकी सभी इलाकों में बारिश LPA (दीर्घकालिक औसत) से अधिक रही। यहाँ अतिरिक्त बारिश 10 प्रतिशत से लेकर 585 प्रतिशत तक दर्ज की गई। इस दौरान राज्य में सोनीपत, कुरुक्षेत्र और पानीपत में सबसे ज्यादा बारिश हुई।
हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में बारिश की संभावना IMD ने 1 नवंबर तक हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश होने का अनुमान जताया है। इस दौरान इन इलाकों में आंधी-तूफान, बिजली गिरने और 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।
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