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Government के आश्वासन के बाद वांगचुक का उपवास खत्म

Ratna Netam
24 July 2026 3:02 PM IST
Government   के आश्वासन के बाद वांगचुक का उपवास खत्म
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गुरुग्राम : सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सरकार की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया है। वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि आंग्मो ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार से मिले लिखित आश्वासन के बाद ही सोनम वांगचुक ने यह कदम उठाया। उन्होंने कहा कि छात्रों की सुरक्षा और उनकी मांगों को लेकर सरकार की ओर से सकारात्मक आश्वासन दिया गया है।

डॉ. गीतांजलि आंग्मो ने कहा कि सरकार ने लिखित रूप से भरोसा दिलाया है कि विरोध प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ किसी तरह की कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि छात्र नेताओं की सरकार के साथ बैठक के बाद ही आगे की रणनीति तय की जाएगी। फिलहाल प्रदर्शन से जुड़े सभी पक्ष बातचीत के आधार पर आगे की दिशा तय करेंगे।

सोनम वांगचुक की पत्नी ने बताया कि गुरुवार देर रात सरकार की ओर से उन्हें लिखित आश्वासन मिला था। इसमें प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों पर सहमति जताई गई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने आश्वासन दिया है कि आंदोलन में शामिल छात्रों पर एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी। इसके अलावा नीट पेपर लीक मामले में प्रभावित परिवारों की सहायता और शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर भी कदम उठाने की बात कही गई है।

डॉ. गीतांजलि आंग्मो के अनुसार, सरकार ने संसद में शिक्षा परीक्षा व्यवस्था और सुधारों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कराने का आश्वासन भी दिया है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए सुधारों की मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी। सरकार के लिखित आश्वासन के बाद सोनम वांगचुक ने अनशन खत्म करने का फैसला लिया।

सोनम वांगचुक पिछले कुछ समय से छात्रों और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे थे। उनके अनशन के दौरान बड़ी संख्या में समर्थक और छात्र जंतर-मंतर पर जुटे। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना, पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाना और छात्रों के हितों की सुरक्षा शामिल थी।

वांगचुक के अनशन समाप्त करने के बाद भी प्रदर्शन को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा जारी है। छात्र नेताओं और आंदोलन से जुड़े लोगों की सरकार के साथ बैठक के बाद ही यह तय किया जाएगा कि आंदोलन को आगे किस रूप में जारी रखा जाएगा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि केवल आश्वासन ही नहीं, बल्कि मांगों को लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाना जरूरी है।

इस पूरे मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। विपक्ष लगातार सरकार से परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और छात्रों की चिंताओं का समाधान करने की मांग कर रहा है। वहीं, सरकार की ओर से कहा जा रहा है कि छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

फिलहाल सोनम वांगचुक के अनशन खत्म होने के बाद आंदोलन का अगला चरण छात्र नेताओं और सरकार के बीच होने वाली बातचीत पर निर्भर करेगा। अब सभी की नजर इस बात पर है कि लिखित आश्वासन के बाद सरकार की ओर से कितने समय में और किस तरह के कदम उठाए जाते हैं।

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