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63 औद्योगिक इकाइयों में प्रदूषण नियमों का उल्लंघन

Kiran
26 Sept 2026 1:26 PM IST
63 औद्योगिक इकाइयों में प्रदूषण नियमों का उल्लंघन
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Haryana हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) की स्पेशल जांच में पानीपत और सोनीपत में बहुत ज़्यादा प्रदूषण फैलाने वाली 63 औद्योगिक इकाइयां पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करती पाई गईं, जिसके बाद बोर्ड ने उल्लंघन करने वालों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। ये जांच सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के निर्देशों के बाद की जा रही है, जिसमें बहुत ज़्यादा प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों (GPIs) की जांच तेज़ करने और प्रदूषण-नियंत्रण नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों के खिलाफ़ सख़्त कार्रवाई शुरू करने को कहा गया है।
HSPCB ने जुलाई में पूरे राज्य में GPIs की स्पेशल जांच मुहिम शुरू की थी ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे पर्यावरण नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं। जानकारी के अनुसार, सोनीपत में 326 औद्योगिक इकाइयां GPIs के तौर पर वर्गीकृत हैं। इनमें से HSPCB की टीमों ने अब तक 97 इकाइयों की जांच की है। जहां 46 इकाइयां नियमों का पालन करती पाई गईं, वहीं 51 इकाइयां नियमों का पालन नहीं करती पाई गईं। सूत्रों ने बताया कि 20 इकाइयों से लिए गए सैंपल भी प्रदूषण टेस्ट में फेल हो गए।
पानीपत में 380 औद्योगिक इकाइयां GPI कैटेगरी में आती हैं। HSPCB की टीमों ने अब तक 147 इकाइयों की जांच की है, जिनमें से 72 नियमों का पालन करती पाई गईं और 12 नियमों का उल्लंघन करती पाई गईं। 63 इकाइयों की रिपोर्ट का अभी भी इंतज़ार है। CPCB ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को निर्देश दिया है कि वे एफ्लुएंट (अपशिष्ट जल) को सीधे बाहर छोड़ने, एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट के काम न करने या न होने, या जांच टीमों को अंदर न आने देने जैसे मामलों में तुरंत कार्रवाई करें। ऐसे मामलों में, जिनमें टेक्निकल इंस्टिट्यूट द्वारा रिपोर्ट किए गए मामले भी शामिल हैं, रिपोर्ट मिलने के एक हफ़्ते के भीतर इकाई को बंद करने के निर्देश और पर्यावरण मुआवज़े जैसी कार्रवाई की जानी है।
CPCB ने HSPCB को यह भी निर्देश दिया है कि वह जांच रिपोर्ट मिलने के 15 दिनों के भीतर उचित कार्रवाई शुरू करे और की गई कार्रवाई की रिपोर्ट तुरंत अपने पोर्टल पर अपलोड करे।
नियमों का पालन न करने के मामलों में, HSPCB को निर्देश दिया गया है कि वह जांच रिपोर्ट मिलने के 15 दिनों के भीतर इकाई को बंद करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी करे या उसे बंद करने का आदेश दे। जहां कारण बताओ नोटिस जारी किया जाता है, वहां इकाई की दोबारा जांच की जानी चाहिए और अगर नियमों का पालन न करने की स्थिति बनी रहती है, तो 30 दिनों के भीतर उसे बंद करने के निर्देश जारी किए जाने चाहिए। HSPCB, सोनीपत के रीजनल ऑफिसर अजय सिंह ने कहा, "GPIs की जांच अभी भी चल रही है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अब तक सख्त कार्रवाई शुरू की गई है। प्रदूषण के नियमों का उल्लंघन करने वाली सभी औद्योगिक इकाइयों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।" HSPCB, पानीपत के रीजनल ऑफिसर भूपेंद्र सिंह चहल ने कहा कि नियमों का पालन न करने वाली सभी इकाइयों को नोटिस जारी किए गए हैं।
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