हरियाणा

वैज्ञानिक तरीके से करें कीटनाशकों का उपयोग: प्रो. बीआर कम्बोज

Admindelhi1
3 Nov 2026 11:54 AM IST
वैज्ञानिक तरीके से करें कीटनाशकों का उपयोग: प्रो. बीआर कम्बोज
x
किसानों को कीटनाशकों के संतुलित उपयोग के प्रति किया जागरूक

हिसार: हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कीट विज्ञान विभाग की ओर से कोरटेवा एग्रीसाइंस के प्रायोजन में किसानों के लिए कीटनाशकों के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग पर जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बीआर कम्बोज मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने किसानों को कीटनाशकों के विवेकपूर्ण इस्तेमाल और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया।

किसानों को संबोधित करते हुए प्रो. कम्बोज ने कहा कि कीटनाशक फसलों को कीटों और रोगों से बचाने में अहम भूमिका निभाते हैं, लेकिन इनका उपयोग हमेशा कृषि वैज्ञानिकों की सलाह और निर्धारित मात्रा के अनुसार ही किया जाना चाहिए। बिना आवश्यकता या अधिक मात्रा में छिड़काव करने से खेती की लागत बढ़ती है और फसल, मानव स्वास्थ्य तथा पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

उन्होंने किसानों से अपील की कि कीटनाशक खरीदने और इस्तेमाल करने से पहले उसके पैकेट या बोतल पर दिए गए निर्देशों को ध्यान से पढ़ें। छिड़काव के दौरान मास्क, दस्ताने और अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल करें। उन्होंने कहा कि कीटनाशकों का अनुचित प्रयोग मिट्टी, पानी, पशु-पक्षियों और लाभकारी कीटों के लिए भी नुकसानदायक है।

समेकित कीट प्रबंधन से घटेगी खेती की लागत

प्रो. कम्बोज ने कहा कि समेकित कीट प्रबंधन (आईपीएम) टिकाऊ खेती का महत्वपूर्ण आधार है। किसानों को कीटों से बचाव के लिए पूरी तरह रासायनिक दवाओं पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। खेतों की नियमित निगरानी, कीटों की सही पहचान, जैविक नियंत्रण, फेरोमोन ट्रैप और कीट प्रतिरोधी किस्मों जैसे उपाय अपनाने चाहिए। रासायनिक कीटनाशकों का छिड़काव भी विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार संतुलित मात्रा में करना चाहिए। इससे खेती की लागत कम करने के साथ पर्यावरण को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।

अनुसंधान निदेशक डॉ. राजबीर गर्ग ने कहा कि कीटनाशक का इस्तेमाल करने से पहले किसानों को फसल और उसमें लगने वाले कीट की सही पहचान करनी चाहिए। इसके बाद कृषि वैज्ञानिकों या विशेषज्ञों की सलाह लेकर ही उचित दवा का चयन और छिड़काव करना चाहिए। उन्होंने सुरक्षित कीटनाशक उपयोग और पर्यावरण के अनुकूल खेती के तरीकों को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में कीट विज्ञान विभाग की अध्यक्ष डॉ. सुनीता यादव ने अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया तथा विषय से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। कोरटेवा एग्रीसाइंस के प्रतिनिधि डॉ. बसवेश्वर घोडक़ी ने धन्यवाद ज्ञापित किया, जबकि मंच संचालन डॉ. रीना चौहान ने किया। कार्यक्रम के दौरान कोरटेवा एग्रीसाइंस की ओर से प्रतिभागी किसानों को सुरक्षा किट भी वितरित की गईं।

Next Story