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दो पक्ष बाढड़ा नगर पालिका को लेकर आमने-सामने, दोनों गांवों से लोग इसके विरोध में

Admin Delhi 1
7 Sept 2022 7:00 PM IST
दो पक्ष बाढड़ा नगर पालिका को लेकर आमने-सामने, दोनों गांवों से लोग इसके विरोध में
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संदीप श्योराण: बाढड़ा नगर पालिका का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। प्रदेश के मुखिया तक बात पहुंचने के बाद भी मामले का अभी तक कोई निष्कर्ष नहीं निकला है। जिसके चलते बाढड़ा में नगर पालिका को लेकर दो पक्ष आमने-सामने हैं। एक पक्ष जहां बाढड़ा नगर पालिका को रद्द करवाकर पुन: ग्राम पंचायत की बहाली चाहता है तो वहीं दूसरा पक्ष बाढड़ा नगर पालिका को बरकरार रखने की मांग पर अड़ा हुआ है। जिसके लिए बुधवार को बाढड़ा एसडीएम संजय सिंह को ज्ञापन सौंपकर नगर पालिका बरकरार रखने व इसके पक्ष में धरना शुरू करने की अुनुमति की भी मांग की गई गई है।

उल्लेखनीय है कि करीब एक साल पहले बाढड़ा व हंसावास खुर्द को मिलाकर बाढड़ा नगर पालिका का गठन किया गया था। जब बाढड़ा को नगर पालिका का दर्जा मिला तो उस दौरान किसी भी प्रकार की आपत्ती या विरोध देखने को नहीं मिला था। लेकिन बाद में जब लोगों ने नगर पालिका के नफे-नुकसान का आंकलन किया तो दोनों गांवों से लोग इसके विरोध में उतर आए और उन्होंने बाढड़ा एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर नगर पालिका का दर्जा करवाकर पुन: ग्राम पंचायत बहाली की मांग की। बाद में नपा का विरोध कर रहे ये लोग बाढड़ा विधायक,पूर्व विधायक, मंत्री व मुख्यमंत्री से मिले और ग्राम पंचायत को पुन: लागू करने की मांग की। वहीं इस दौरान दूसरे पक्ष के लोगों ने भी बाढड़ा एसडीएम, जिला उपायुक्त, विधायक के नाम ज्ञापन सौंपकर नपा को बरकरार रखने की मंाग कर दी। वहीं आठ जुलाई को चरखी दादरी रैली में पहुंचने पर प्रतिनिधिमंडल ने सीएम से मिलकर नगर पालिका को रद्द करवाने की गुहार लगाई थी। जिसके बाद सीएम ने रैली के मंच से अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि शीघ्र नगर पालिका व ग्राम पंचायत को लेकर सर्वे रिपोर्ट तैयार की जाए ताकि आगामी चार-पांच दिन में इस का निर्णय किया जा सके कि बाढड़ा में नगर पालिका रहेगी या ग्राम पंचायत बनेगी। अधिकारियों द्वारा सीएम के आदेशों के तहत अगले ही दिन टीमे तैयार कर उन्हें सर्वे के लिए फिल्ड में उतार दिया गया और टीमों ने डोर टू डोर जाकर दो दिन में सर्वे का कार्य पूरा भी कर दिया था। उस सर्वे रिपोर्ट में ग्राम पंचायत के पक्ष में लोगों की राय अधिक थी। लेकिन दूसरे पक्ष के लोगों ने उस सर्वे रिपोर्ट पर सवाल खड़े करते हुए कस्बे के दुकानदारों को शामिल कर दोबारा से सर्वे की मांग की थी। जिसके बाद दोबारा से सर्वे भी करवाई गई लेकिन उसकी रिपोर्ट सार्वजिनिक नहीं की गई। जिसके चलते सीएम के निर्देशों के दो माह बाद भी कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाया है और दोनों पक्ष अपनी-अपनी मांगों को लेकर धरना शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं जिसके लिए वे एसडीएम को ज्ञापन भी सौंप चुके हैं।

नपा के पक्ष में सौंपा ज्ञापन: नपा को बरकरार रखने की मांग कर रहे लोगों ने बाढड़ा एसडीएम को ज्ञापन के माध्यम से अवगत करवाया कि कुछ लोग अपने राजनैतिक फायदे को देखते हुए इसे रद्द करवाना चाहते हैं और आपसी भाईचारा खराब करने के लिए धरने की धमकी दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे बाढड़ा में नगर पालिका रखना चाहते हैं। बाढड़ा में नपा कार्यालय, प्रॉपर्टी आईडी तैयार कर डोर –टू डोर वितरण का कार्य भी शुरू किया जा चुका है। गलियों में सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण किया जा रहा है। रेहड़ियों का सर्वे किया जा चुका है। जिससे आमजन में खुशी का माहौल है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा सर्वे भी करवाया गया था लेकिन सर्वे रिपोर्ट से भी कोई निर्णय नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि जब तक नपा या ग्राम पंचायत के पक्ष में कोई निर्णय ना हो जाए तब तक नगर पालिका के विरोध में धरने का कोई औचित्य नहीं बनता। उन्होंने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि यदि नगर पालिका के विरोध में कोई धरना शुरू करने की अनुमति प्रदान की जाती है तो उन्हें भी नपा के पक्ष में धरना शुरू करने की अनुमति दी जाए।

नपा के विरोध में बृहस्पतिवार से शुरू करेंगे धरना:नगर पालिका का विरोध कर रहे लोगों ने बृहस्पतिवार से धरना शुरू करने का ऐलान कर रखा है। जिसके तहत वे एसडीएम कार्यालय के समक्ष के धरना शुरू करेंगे। करीब एक माह पहले भी उन्होंने वहां धरना शुरू कर दिया था लेकिन जजपा पदाधिकारियों ने विधानसभा सत्र के दौरान उनकी मांग को पूरा करवाने का आश्वासन देकर धरना हटवा दिया था। लेकिन इस बार उन्होंने आर-पार की लड़ाई लड़ने का ऐलान करते हुए मांग पूरी नहीं होने तक धरना जारी रखने की बात कही है।

नपा को लेकर हो रही राजनीति: यदि क्षेत्र के लोगों की मानी जाए तो नपा को लेकर दोनों पक्ष राजनीति कर रहे हैं। नपा का विरोध कर रहे लोगों को बाढड़ा के पूर्व विधायक सुखविंद्र मांढी का समर्थन बताया जा रहा है। इन लोगों को मांढी ने ही दादरी रैली के दौरान सीएम से मिलवाया था। वहीं नगर पालिका के पक्ष में उतरे लोगों को बाढड़ा विधायक नैना चौटाला के खेमे से बताया जा रहा है। लोगों का मानना है कि यह लड़ाई बाढड़ा के दो पक्षों की ना होकर बाढड़ा के मौजूदा विधायक और पूर्व विधायक के बीच है।

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