हरियाणा

सेल्स टैक्स अधिकारी बनकर लूटा सरिया लदा ट्राला चालक के अपहरण में दो आरोपी गिरफ्तार

Kavita2
12 Sept 2026 4:03 PM IST
सेल्स टैक्स अधिकारी बनकर लूटा सरिया लदा ट्राला चालक के अपहरण में दो आरोपी गिरफ्तार
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पलवल। फर्जी सेल्स टैक्स अधिकारी बनकर सरिया लदे ट्राला को लूटने और उसके चालक का अपहरण करने के मामले में पलवल पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सीआईए पलवल की टीम ने दोनों को नूंह रोड पर मिड़कोला के पास से पकड़ा। पुलिस ने उनके कब्जे से सरिया लदा ट्राला, वारदात में इस्तेमाल वाहन, दो मोबाइल फोन और दस्तावेज बरामद किए हैं। आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। मामले में गिरोह की गतिविधियों और वारदात से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच जारी है।

पुलिस के अनुसार, घटना 10 सितंबर की रात की है। सोहना रोड पर सेक्टर-2 मोड़ के पास बदमाशों ने सरिया लेकर जा रहे ट्राला को रुकवाया। उन्होंने खुद को सेल्स टैक्स अधिकारी बताया, जिससे वाहन रोकने की कार्रवाई सरकारी जांच जैसी दिखाई दे। चालक मुबारक खान के वाहन रोकने के बाद आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की। उसका मोबाइल फोन और पर्स छीन लिया गया। इसके बाद चालक के अपहरण और सरिया समेत ट्राला लूटने की वारदात को अंजाम दिया गया।

आरोप है कि बदमाशों ने अधिकारी होने का झांसा देकर चालक को अपने नियंत्रण में लिया। वाहन रोकने के लिए इस्तेमाल की गई पहचान फर्जी थी। पुलिस के सामने आया घटनाक्रम दर्शाता है कि चालक को पहले सरकारी जांच का भरोसा दिलाया गया और फिर उसके साथ हिंसा की गई। इस मामले में लूट के साथ चालक की सुरक्षा भी गंभीर प्रश्न बनी। मोबाइल छीन लिए जाने से उसके पास मौजूद संपर्क का साधन भी आरोपियों के कब्जे में चला गया।

वारदात के बाद मामले में कार्रवाई करते हुए सीआईए पलवल की टीम ने दो संदिग्धों को पकड़ा। दोनों की गिरफ्तारी नूंह रोड पर मिड़कोला के पास हुई। पुलिस ने गिरफ्तार व्यक्तियों को गिरोह के सदस्य बताया है। हालांकि, उपलब्ध विवरण में उनके नाम, निवास स्थान और अलग-अलग भूमिकाओं की जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि ट्राला रोकने, चालक के साथ मारपीट करने और वाहन ले जाने में किस आरोपी की क्या भूमिका थी।

पुलिस की कार्रवाई में सरिया से लदा ट्राला बरामद होना महत्वपूर्ण है। लूटे गए वाहन और उसमें मौजूद माल की बरामदगी मामले की जांच को आगे बढ़ाने में मदद कर सकती है। आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल दूसरा वाहन भी मिला है। उपलब्ध जानकारी में उस वाहन का प्रकार और पंजीकरण नंबर स्पष्ट नहीं है। इसी तरह सरिया की कुल मात्रा और कीमत का आधिकारिक विवरण भी प्रस्तुत नहीं किया गया है।

दो मोबाइल फोन और दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इनमें चालक से छीना गया मोबाइल शामिल है या दोनों फोन आरोपियों के हैं। बरामद दस्तावेज किससे संबंधित हैं और उनका वारदात से क्या संबंध है, इसकी जानकारी भी सामने नहीं आई है। ऐसे में उन्हें फर्जी पहचान पत्र, माल के बिल या वाहन के कागजात बताना उचित नहीं होगा। उनकी वास्तविक प्रकृति और उपयोग जांच के बाद स्पष्ट हो सकेगा।

गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। अब इस अवधि में पूछताछ के जरिए घटना की कड़ियां स्पष्ट करने का अवसर मिलेगा। मामले में ट्राला रोकने की योजना, चालक को ले जाने का घटनाक्रम और लूटे गए वाहन की आवाजाही जैसे प्रश्न महत्वपूर्ण होंगे। हालांकि, उपलब्ध विवरण में आरोपियों द्वारा किसी बात को स्वीकार करने या अन्य वारदातों में शामिल होने का उल्लेख नहीं है।

चालक मुबारक खान के अपहरण का आरोप इस मामले को और गंभीर बनाता है। उसके साथ मारपीट किए जाने की जानकारी दी गई है, लेकिन उसकी चोटों, उपचार या अपहरण के बाद उसे कहां छोड़ा गया, इसका विवरण उपलब्ध नहीं है। इन तथ्यों के बिना उसके साथ हुई घटना का पूरा क्रम बताना संभव नहीं है। पुलिस के आगे के आधिकारिक विवरण से चालक के बयान और वारदात की परिस्थितियों की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।

यह घटना मालवाहक वाहनों को अधिकारी बनकर रुकवाने के तरीके से जुड़ी है। ऐसे अपराधों में सरकारी पद का दावा सामने वाले व्यक्ति को भ्रमित कर सकता है। यहां भी पुलिस के अनुसार, बदमाशों ने सेल्स टैक्स अधिकारी होने का झांसा दिया था। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में वर्दी, सरकारी वाहन, पहचान पत्र या किसी विशेष उपकरण के इस्तेमाल का उल्लेख नहीं है। इसलिए वारदात के तरीके में इन अतिरिक्त बातों को शामिल नहीं किया जा सकता।

फिलहाल दो आरोपियों की गिरफ्तारी और सरिया लदे ट्राला की बरामदगी मामले में प्रमुख प्रगति है। पुलिस रिमांड के दौरान जुटाए जाने वाले तथ्यों से दोनों की कथित भूमिका और गिरोह की गतिविधियों के बारे में आगे जानकारी मिल सकेगी। चालक से छीने गए सामान, बरामद मोबाइलों और दस्तावेजों का संबंध भी स्पष्ट होना बाकी है। आरोपियों पर लगे आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया में होगा। पुलिस की अगली जानकारी से लूट और अपहरण के पूरे घटनाक्रम की शेष कड़ियां सामने आने की उम्मीद है।

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