हरियाणा

बहादुरगढ़ में लेदर यूनिट की बढ़ीं मुश्किलें, बंद होने की कगार पर

Kiran
14 Oct 2026 11:49 AM IST
बहादुरगढ़ में लेदर यूनिट की बढ़ीं मुश्किलें, बंद होने की कगार पर
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Bahadurgarh बहादुरगढ़ में चमड़ा बनाने वाली एक यूनिट को बंद होने और दूसरी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पर्यावरण से जुड़े कई नियमों के उल्लंघन के लिए उसे कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इस बीच, झज्जर ज़िला प्रशासन ने अधिकारियों को प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर नज़र रखने और कार्रवाई तेज़ करने का निर्देश दिया है।
यह नोटिस नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की एक संयुक्त समिति द्वारा की गई जांच के बाद जारी किया गया है। जांच में पाया गया कि यूनिट का एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ETP) ठीक से काम नहीं कर रहा था। एक अधिकारी ने बताया कि बाईपास व्यवस्था के ज़रिए निकले कचरे (एफ्लुएंट) को इकट्ठा करके जांच के लिए बोर्ड की प्रयोगशाला में भेजा गया था। जांच में यह भी पाया गया कि यूनिट 125-KVA का डीज़ल जनरेटर सेट चला रही थी, जिसमें ज़रूरी रेट्रोफिट एमिशन-कंट्रोल डिवाइस किट, डुअल-फ्यूल सिस्टम या पर्याप्त स्टैक ऊंचाई नहीं थी।
यूनिट 'खतरनाक और अन्य अपशिष्ट (प्रबंधन और सीमा-पार आवाजाही) नियम, 2016' के तहत इस्तेमाल किए गए तेल सहित खतरनाक कचरे के निपटान के लिए ज़रूरी मंज़ूरी लेने में भी नाकाम रही थी। फैक्ट्री गेट पर खतरनाक कचरे का डिस्प्ले बोर्ड और ETP के लिए तय इनलेट फ्लो मीटर भी नहीं था। ट्रीटमेंट सिस्टम के संचालन से जुड़े रिकॉर्ड भी नहीं रखे गए थे।
समिति ने भूजल निकालने की मंज़ूरी न होने और पर्यावरण मंज़ूरी के तहत ज़रूरी कई सुरक्षा उपायों की कमी की ओर भी इशारा किया। इनमें एम्बिएंट एयर मॉनिटरिंग स्टेशन, पर्याप्त ग्रीन बेल्ट, क्रोम रिकवरी प्लांट, बारिश के पानी को इकट्ठा करने का सिस्टम और सोलर इवेपोरेशन पॉन्ड या इलेक्ट्रिक इवेपोरेटर शामिल थे। बोर्ड ने यूनिट को नोटिस मिलने के 15 दिन का समय दिया है ताकि वह बता सके कि उसे बंद करने और बिजली, पानी व अन्य सेवाओं पर रोक लगाने के निर्देश क्यों न दिए जाएं।
प्रस्तावित कार्रवाई में पर्यावरण मुआवज़ा, कानूनी जुर्माना और मुक़दमा या कानून के तहत मंज़ूर अन्य कानूनी कार्रवाई भी शामिल है। इसके अलावा, ज़िला प्रशासन ने वायु प्रदूषण को रोकने के लिए अपनी कोशिशें तेज़ कर दी हैं। उसने सब-डिविज़नल मजिस्ट्रेट (SDM) और ब्लॉक डेवलपमेंट एंड पंचायत ऑफिसर (BDPO) को प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर कड़ी नज़र रखने और नियंत्रण उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करने का निर्देश दिया है। सूत्रों के मुताबिक, BDPO को पंचायत की ज़मीन पर कचरा फेंकने या जलाने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने के लिए कहा गया है, जबकि SDM अपने-अपने इलाक़ों में प्रदूषण-नियंत्रण उपायों की नियमित समीक्षा करेंगे और संबंधित विभागों के साथ तालमेल बिठाएंगे।
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