हरियाणा

कैलरम स्कूल में 1965 के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित

Admindelhi1
23 Sept 2026 8:58 AM IST
कैलरम स्कूल में 1965 के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित
x
कैथल में युद्ध के दो शहीदों की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा

कैथल: भारत-पाकिस्तान के बीच 1965 में हुए युद्ध में सर्वोच्च बलिदान देने वाले कैलरम निवासी सिपाही रामचंद्र और हरिगढ़ किंगन निवासी सिपाही करनैल सिंह को मंगलवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कैलरम में श्रद्धांजलि दी गई। दोनों शहीदों का 61वां बलिदान दिवस सामूहिक रूप से मनाया गया। कार्यक्रम में शहीदों के परिजनों, पूर्व सैनिकों, ग्रामीणों, स्कूल स्टाफ और विद्यार्थियों ने उन्हें नमन किया।

पूर्व सैनिक वेलफेयर एसोसिएशन के जिला प्रधान जगजीत फौजी ने बताया कि 1965 के युद्ध में तीन जाट रेजीमेंट के जवानों ने लाहौर के डोगराई क्षेत्र में इच्छोगिल नहर के पास अदम्य साहस का परिचय दिया था। लाहौर से करीब 11 किलोमीटर दूर डोगराई में हुई इस लड़ाई में रेजीमेंट के 88 जवानों ने बलिदान दिया, जबकि 300 से अधिक सैनिक घायल हुए। इसके बावजूद जवानों का संकल्प था कि उन्हें डोगराई में ही जीत हासिल करनी है। जवानों ने डोगराई पर तिरंगा फहराकर ऐतिहासिक विजय हासिल की थी।

इसी युद्ध में सिपाही रामचंद्र और सिपाही करनैल सिंह ने भी देश के लिए अपने प्राण न्योछावर किए थे। विद्यालय परिसर में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में सबसे पहले शहीद सिपाही रामचंद्र के पुत्र राजबीर व पौत्र प्रवीण कुमार तथा शहीद सिपाही करनैल सिंह के भतीजे करम सिंह ने पुष्प अर्पित कर अपने परिजनों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद विद्यार्थियों और कलाकारों ने देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। पूर्व सैनिक एवं लोक गायक फौजी कर्मवीर ने देशभक्ति गीतों के माध्यम से शहीदों को श्रद्धांजलि दी। छात्रा हिना कश्यप और शिवम वजीर नगर ने भी देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए। फौजी कर्मवीर ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने और शहीदों के जीवन से प्रेरणा लेकर देशहित में कार्य करने का संदेश दिया।

विद्यालय की प्राचार्या पंकज ने कार्यक्रम में पहुंचे पूर्व सैनिकों, ग्रामीणों, शहीद परिवारों और अन्य अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सरपंच नरेश कुमार, एचएफओ भीम सिंह गिल, एचएफओ महेंद्र सिंह राणा, कैप्टन मुख्तार सिंह जांगड़ा, सीपीओ राजबीर भाना, हवलदार मदन सिंह चहल, सीएफएन भले राम राठी, हवलदार राजपाल बालू, हवलदार मांगेराम शर्मा, हवलदार अभे राम, हवलदार रामपाल कुंडू, हवलदार रामकुमार मटौर, हवलदार मंगत नंबरदार बालू, नायक धर्मपाल, हवलदार रतन सिंह जाखौली, दफेदार सतपाल कसान, दफेदार राजाराम कसान, सूबेदार उदे भान शर्मा, रिशालदार बलदेव सिंह सैनी, सूबेदार बलबीर सिंह माजरा, नायक नरेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, ग्रामीण, स्कूल स्टाफ और विद्यार्थी मौजूद रहे।

Next Story