हरियाणा
बालाजी मंदिर से लौटते वक्त भीषण हादसा, पति-पत्नी समेत 3 की मौत
Rajeshwari Nishad
29 Oct 2026 2:02 PM IST

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गुरुग्राम । हरियाणा के गुरुग्राम जिले में गुरुवार तड़के एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे परिवार को तबाह कर दिया। राजस्थान के प्रसिद्ध मेहंदीपुर बालाजी मंदिर से दर्शन कर दिल्ली लौट रहे एक परिवार की कार दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर सड़क किनारे खड़ी बस से जा टकराई। हादसा इतना भयानक था कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और वाहन बस के पिछले हिस्से के नीचे फंस गया। इस दर्दनाक दुर्घटना में पति-पत्नी और उनकी एक बेटी की मौत हो गई, जबकि कार में सवार दो अन्य मासूम बच्चों को बचाव दल ने बाहर निकाला। कुछ शुरुआती रिपोर्टों में दोनों बच्चों की हालत गंभीर बताई गई है, जबकि अन्य रिपोर्टों में उनके सुरक्षित बचने की जानकारी दी गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
सुबह तीन से चार बजे के बीच हुआ भीषण हादसा
जानकारी के अनुसार, दुर्घटना गुरुवार सुबह करीब 3 से 4 बजे के बीच गुरुग्राम के सोहना क्षेत्र में हुई। हादसे का स्थान धुनेला और लोहटकी गांव के आसपास बताया जा रहा है।परिवार अपनी मारुति स्विफ्ट कार से राजस्थान के दौसा जिले में स्थित प्रसिद्ध मेहंदीपुर बालाजी मंदिर में दर्शन करने गया था। दर्शन करने के बाद सभी लोग वापस दिल्ली लौट रहे थे।इसी दौरान एक्सप्रेसवे पर उनकी कार सड़क किनारे खड़ी एक टूरिस्ट बस से पीछे से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का बड़ा हिस्सा बस के नीचे घुस गया।हादसे के बाद सड़क से गुजर रहे वाहन चालकों ने पुलिस और आपातकालीन सेवाओं को घटना की सूचना दी। इसके बाद पुलिस, दमकल विभाग और राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचे।
पति-पत्नी और बेटी की चली गई जान
पुलिस के अनुसार, मृतक परिवार दिल्ली के रजोकरी इलाके में रहता था। परिवार मूल रूप से बिहार का रहने वाला बताया जा रहा है।कार चला रहे व्यक्ति की पहचान बूम प्रसाद के रूप में हुई है। वह अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ धार्मिक यात्रा से लौट रहे थे।दुर्घटना में बूम प्रसाद, उनकी पत्नी और एक बेटी की मौत हो गई। सभी को दुर्घटनाग्रस्त कार से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।पुलिस ने मृतकों के शवों को सोहना के नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए रखवाया है। परिजनों को भी हादसे की सूचना दे दी गई है।मृतक बच्ची की उम्र को लेकर शुरुआती रिपोर्टों में अंतर है। कुछ रिपोर्टों में उसकी उम्र चार वर्ष, जबकि अन्य में सात वर्ष बताई गई है।
एक घंटे तक कार में फंसे रहे दो मासूम बच्चे
हादसे के बाद राहत एवं बचाव दल के सामने सबसे बड़ी चुनौती बुरी तरह क्षतिग्रस्त कार में फंसे लोगों को बाहर निकालने की थी।कार बस के पिछले हिस्से के नीचे इतनी बुरी तरह फंस गई थी कि उसे निकालने के लिए क्रेन की मदद लेनी पड़ी।पुलिस और दमकलकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद कार को बस के नीचे से बाहर निकाला। इसके बाद बचाव दल को पता चला कि कार के अंदर दो बच्चे जीवित हैं।हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, आठ वर्षीय बेटा और उसकी करीब एक साल की छोटी बहन कार के मलबे में फंसे हुए थे।भोंडसी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सतपाल ने बताया कि बचाव दल करीब एक घंटे तक बच्चे से बातचीत करता रहा और उसे सुरक्षित निकालने की कोशिश करता रहा।आखिरकार राहतकर्मियों ने दोनों बच्चों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। उनकी चोटों और स्वास्थ्य की स्थिति को लेकर अलग-अलग रिपोर्टें सामने आई हैं।
कार के उड़ गए परखच्चे, तस्वीरें देखकर दहले लोग
दुर्घटना की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह पिचक गया।टक्कर के दौरान कार बस के नीचे जा घुसी थी। कार की बॉडी बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने के कारण अंदर बैठे लोगों को निकालने में बचाव दल को काफी परेशानी हुई।दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिसकर्मियों के साथ दमकल विभाग और अन्य आपातकालीन कर्मचारी मौके पर पहुंचे।बचाव अभियान के दौरान क्षतिग्रस्त वाहन को बाहर निकालने के लिए विशेष उपकरणों और क्रेन का इस्तेमाल किया गया।हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस ने दुर्घटनास्थल का निरीक्षण करके वाहनों को हटाने और स्थिति सामान्य करने की कार्रवाई की।
सड़क किनारे खड़ी बस बनी हादसे की वजह?
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, जिस टूरिस्ट बस से कार टकराई, वह खराब होने के कारण एक्सप्रेसवे पर खड़ी थी।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बस चालक ने वाहन को एलिवेटेड सड़क के उस हिस्से में खड़ा किया था, जहां से मार्ग आगे सोहना एलिवेटेड रोड से जुड़ता है।हालांकि, कार की रफ्तार कितनी थी और चालक को बस दिखाई क्यों नहीं दी, इसकी जांच जारी है।पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बस खड़ी करते समय आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाए गए थे या नहीं।जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि दुर्घटना के पीछे तेज रफ्तार, दृश्यता की कमी, चालक का नियंत्रण खोना या सड़क पर खड़ी बस की स्थिति में से कौन-से कारण जिम्मेदार थे।पुलिस बस चालक और वाहन मालिक का पता लगाने का भी प्रयास कर रही है।
दर्शन के बाद घर लौटते समय हुआ हादसा
मेहंदीपुर बालाजी मंदिर राजस्थान के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में शामिल है। देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।बूम प्रसाद भी अपने परिवार के साथ बालाजी मंदिर में दर्शन करने गए थे। धार्मिक यात्रा पूरी करने के बाद परिवार दिल्ली स्थित अपने घर लौट रहा था।लेकिन घर पहुंचने से पहले ही एक्सप्रेसवे पर यह भीषण दुर्घटना हो गई।इस हादसे में माता-पिता और एक बहन की मौत के बाद जीवित बचे दोनों बच्चों के सामने परिवार का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।घटना की सूचना मिलने के बाद परिवार के अन्य सदस्यों को गुरुग्राम बुलाया गया है। पुलिस उनके पहुंचने के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है।
पुलिस ने शुरू की दुर्घटना की जांच
हादसे की जानकारी मिलने के बाद गुरुग्राम पुलिस ने दुर्घटनास्थल की जांच की और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों से संबंधित जानकारी जुटाई।पुलिस अधिकारी बस के वहां खड़े होने के कारणों और कार की टक्कर की परिस्थितियों का पता लगा रहे हैं।प्रारंभिक जांच में सड़क पर खड़ी बस और कार की संभावित तेज रफ्तार जैसे पहलू सामने आए हैं। हालांकि, दुर्घटना के सटीक कारणों का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।पुलिस आसपास उपलब्ध संभावित कैमरा फुटेज और अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर सकती है।
एक्सप्रेसवे पर वाहन खड़ा करते समय सावधानी जरूरी
इस हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार एक्सप्रेसवे पर वाहन खराब होने की स्थिति में सुरक्षा उपाय अपनाने की जरूरत को सामने रखा है।विशेषज्ञों के अनुसार, एक्सप्रेसवे पर वाहन खराब होने पर जहां संभव हो, उसे निर्धारित आपातकालीन लेन या सुरक्षित स्थान पर खड़ा करना चाहिए।वाहन के हैजार्ड लाइट चालू करने, चेतावनी संकेत लगाने और सड़क प्रबंधन की आपातकालीन सहायता लेने जैसे कदम दुर्घटना के खतरे को कम कर सकते हैं।रात और सुबह के समय लंबी दूरी की यात्रा करने वाले वाहन चालकों को भी निर्धारित गति सीमा, सुरक्षित दूरी और पर्याप्त विश्राम का ध्यान रखना चाहिए।
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