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एनएच-48 पर जाम, NHAI ने मानकों के पालन का किया दावा

Kavita2
9 Aug 2026 4:38 PM IST
एनएच-48 पर जाम, NHAI ने मानकों के पालन का किया दावा
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रेवाड़ी/गुरुग्राम। दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-48) पर निर्माण कार्य के चलते लगने वाले जाम और सड़क सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों के बीच भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। प्राधिकरण का कहना है कि बिलासपुर, कापड़ीवास और मानेसर में चल रहे निर्माण कार्यों के दौरान यातायात संचालन और सुरक्षा के लिए भारतीय सड़क कांग्रेस (IRC) के निर्धारित मानकों का पालन किया जा रहा है।

NHAI का यह स्पष्टीकरण धारूहेड़ा निवासी प्रकाश यादव की ओर से भेजी गई शिकायत के बाद सामने आया है। शिकायत में निर्माण स्थलों पर लंबे समय तक यातायात जाम रहने, ट्रैफिक प्रबंधन की व्यवस्था कमजोर होने और सड़क सुरक्षा से जुड़े नियमों के पालन में लापरवाही का आरोप लगाया गया था। शिकायतकर्ता ने निर्माणाधीन हिस्सों में वाहनों के सुचारू संचालन के लिए प्रभावी व्यवस्था करने की मांग की थी।

निर्माण कार्य के दौरान जाम की समस्या

एनएच-48 दिल्ली, गुरुग्राम, मानेसर, धारूहेड़ा, बावल और जयपुर को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग है। इस मार्ग पर बड़ी संख्या में यात्री वाहन, निजी वाहन और भारी मालवाहक वाहन रोजाना आवागमन करते हैं। ऐसे में निर्माण कार्य के दौरान सड़क की क्षमता प्रभावित होने से यातायात दबाव बढ़ जाता है।

बिलासपुर, कापड़ीवास और मानेसर क्षेत्र में विभिन्न निर्माण गतिविधियां चल रही हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार, इन स्थानों पर निर्माण कार्य के दौरान वाहनों की रफ्तार धीमी होने और यातायात के सीमित स्थान में संचालित होने से कई बार लंबा जाम लग जाता है। जाम की स्थिति में वाहन चालकों को काफी समय तक सड़क पर फंसे रहना पड़ता है।

NHAI ने IRC मानकों का दिया हवाला

NHAI ने शिकायत के जवाब में कहा है कि निर्माण कार्यों के दौरान ट्रैफिक संचालन और सुरक्षा को लेकर भारतीय सड़क कांग्रेस के निर्धारित मानकों का पालन किया जा रहा है। प्राधिकरण के अनुसार, निर्माण स्थलों पर यातायात को नियंत्रित करने और सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत व्यवस्था की गई है।

प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों के दौरान यातायात व्यवस्था की निगरानी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी निर्माण स्थल पर यातायात संचालन में कमी या सुरक्षा से संबंधित समस्या सामने आने पर उसे दूर करने के निर्देश दिए जाते हैं।

अधिकारी और अथॉरिटी इंजीनियर कर रहे निरीक्षण

NHAI के मुताबिक गुरुग्राम-जयपुर मार्ग पर चल रहे निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जा रही है। इसके लिए NHAI के अधिकारी और अथॉरिटी इंजीनियर समय-समय पर निर्माण स्थलों का निरीक्षण करते हैं।

निरीक्षण के दौरान यातायात संचालन, निर्माण की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया जाता है। यदि किसी स्थान पर निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्था नहीं पाई जाती है तो संबंधित एजेंसी या निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारियों को आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए जाते हैं।

प्राधिकरण का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान सड़क उपयोगकर्ताओं को कम से कम असुविधा हो, इसके लिए निगरानी लगातार जारी है।

सुरक्षा व्यवस्था पर भी दिया जोर

शिकायत में ट्रैफिक जाम के साथ-साथ सड़क सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए गए थे। निर्माणाधीन हिस्सों में भारी यातायात के बीच सुरक्षा व्यवस्था कमजोर होने से दुर्घटना की आशंका बढ़ने की बात कही गई थी।

NHAI ने अपने जवाब में कहा कि निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों को लागू किया जा रहा है। प्राधिकरण का कहना है कि निर्माण गतिविधियों के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो और सड़क पर चलने वाले लोगों को सुरक्षित रास्ता मिल सके, इसके लिए निर्धारित मानकों के अनुसार प्रबंधन किया जा रहा है।

व्यस्त मार्ग होने से बढ़ती है चुनौती

एनएच-48 पर वाहनों का दबाव अधिक होने के कारण निर्माण कार्यों के दौरान ट्रैफिक प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बन जाता है। दिल्ली और जयपुर के बीच यह मार्ग औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। मानेसर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों से बड़ी संख्या में वाहन इस राजमार्ग का इस्तेमाल करते हैं।

ऐसे में सड़क के किसी हिस्से में निर्माण कार्य होने पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है। खासकर पीक समय में जाम की स्थिति गंभीर हो सकती है। स्थानीय लोगों और नियमित रूप से मार्ग का इस्तेमाल करने वाले वाहन चालकों के लिए यह समस्या अधिक परेशानी का कारण बनती है।

शिकायत के बाद जवाबदेही पर जोर

धारूहेड़ा निवासी प्रकाश यादव की शिकायत के बाद NHAI की ओर से दिया गया जवाब इस बात को दर्शाता है कि निर्माण कार्यों के दौरान यातायात व्यवस्था को लेकर शिकायतों की निगरानी की जा रही है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर यातायात जाम और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठने वाली समस्याओं का समाधान तभी प्रभावी माना जाएगा जब वाहन चालकों को मौके पर वास्तविक राहत मिले।

निर्माण स्थलों पर ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर नियमित निगरानी और मौके पर त्वरित सुधार की व्यवस्था महत्वपूर्ण है। खासकर उन हिस्सों में जहां दिनभर भारी वाहनों का आवागमन रहता है, वहां छोटी सी अव्यवस्था भी लंबे जाम का कारण बन सकती है।

निर्माण पूरा होने तक चुनौती बरकरार

एनएच-48 पर निर्माण कार्य पूरा होने तक यातायात प्रबंधन को लेकर चुनौती बनी रहने की संभावना है। ऐसे में NHAI और निर्माण एजेंसियों के सामने एक ओर परियोजना को समय पर पूरा करने की जिम्मेदारी है, वहीं दूसरी ओर सड़क पर रोजाना चलने वाले हजारों वाहनों की सुरक्षा और सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करना भी जरूरी है।

फिलहाल NHAI ने स्पष्ट किया है कि बिलासपुर, कापड़ीवास और मानेसर समेत निर्माण स्थलों पर IRC के निर्धारित मानकों का पालन किया जा रहा है और अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। अब स्थानीय लोगों और वाहन चालकों की नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले दिनों में जाम की समस्या और निर्माण स्थलों पर यातायात प्रबंधन में कितना सुधार होता है।

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