
कैथल। शहर की टूटी सड़कों और गड्ढों से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। नगर परिषद जल्द ही शहर के विभिन्न वार्डों में सड़क और गलियों की मरम्मत का काम शुरू करवाने जा रही है। 'म्हारी सड़क एप' योजना के तहत करीब डेढ़ करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया है। नगर परिषद की तकनीकी शाखा ने टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है और संबंधित एजेंसियों को वर्क ऑर्डर भी जारी किए जा चुके हैं। मरम्मत कार्य के लिए शहर के सभी 31 वार्डों को तीन भागों में बांटा गया है। प्रत्येक भाग के लिए 50 लाख रुपये का टेंडर लगाया गया है। इस राशि से क्षतिग्रस्त सड़कों, गलियों और गड्ढों को ठीक किया जाएगा।
डेढ़ करोड़ रुपये से सुधरेगी सड़कों की हालत
नगर परिषद की ओर से शहर की सड़कों की मरम्मत के लिए करीब 1.50 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है।
इस राशि का उपयोग विभिन्न वार्डों में टूटी सड़कों और गलियों की मरम्मत के लिए किया जाएगा।
शहर के बाजार और कई आवासीय क्षेत्रों में सड़कों की खराब स्थिति लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।
कई स्थानों पर सड़कें क्षतिग्रस्त हैं, जबकि कुछ मार्गों पर गड्ढों के कारण आवागमन प्रभावित होता है।
मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद लोगों को इन समस्याओं से राहत मिलने की उम्मीद है।
सभी 31 वार्डों में होगा काम
नगर परिषद ने मरम्मत कार्य को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने के लिए शहर के 31 वार्डों को तीन हिस्सों में बांटा है।
पहले हिस्से में वार्ड संख्या एक से दस तक शामिल हैं।
दूसरे हिस्से में वार्ड संख्या 11 से 20 तक रखे गए हैं।
वहीं, तीसरे हिस्से में वार्ड संख्या 21 से 31 तक के क्षेत्रों को शामिल किया गया है।
इन तीनों हिस्सों के लिए अलग-अलग टेंडर जारी किए गए थे।
इस व्यवस्था से शहर के विभिन्न हिस्सों में सड़क मरम्मत का काम करवाने की योजना बनाई गई है।
प्रत्येक हिस्से के लिए 50 लाख का टेंडर
नगर परिषद की योजना के अनुसार, प्रत्येक हिस्से के लिए 50 लाख रुपये का टेंडर लगाया गया है।
सड़क मरम्मत के लिए बजट आवंटन
वार्ड 1 से 10 ₹50 लाख
वार्ड 11 से 20 ₹50 लाख
वार्ड 21 से 31 ₹50 लाख
कुल बजट ₹1.50 करोड़
इस तरह कुल तीन टेंडरों के माध्यम से डेढ़ करोड़ रुपये के मरम्मत कार्य करवाए जाएंगे।
हालांकि, प्रत्येक वार्ड में कितनी राशि खर्च होगी, इसका अलग-अलग विवरण उपलब्ध नहीं है।
टेंडर प्रक्रिया पूरी, वर्क ऑर्डर जारी
नगर परिषद की तकनीकी शाखा ने सड़क मरम्मत से संबंधित टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है।
टेंडर प्राप्त करने वाली संबंधित एजेंसियों को वर्क ऑर्डर भी जारी किए जा चुके हैं।
वर्क ऑर्डर जारी होने के बाद एजेंसियां निर्धारित शर्तों के अनुसार निर्माण और मरम्मत कार्य शुरू कर सकती हैं।
इससे शहर में सड़क सुधार की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है।
हालांकि, काम शुरू होने की निश्चित तारीख और इसे पूरा करने की समयसीमा की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
बाजार की टूटी सड़कों की होगी मरम्मत
शहर के बाजार क्षेत्र में भी कई सड़कों की हालत खराब है।
बाजारों में रोजाना बड़ी संख्या में लोगों और वाहनों की आवाजाही होती है।
ऐसे में क्षतिग्रस्त सड़कें व्यापारियों, ग्राहकों और वाहन चालकों के लिए परेशानी पैदा कर सकती हैं।
नगर परिषद की योजना के तहत बाजार सहित विभिन्न वार्डों की टूटी सड़कों की मरम्मत की जाएगी।
इससे बाजार क्षेत्र में आवागमन अधिक सुगम होने की उम्मीद है।
हालांकि, बाजार की किन सड़कों को प्राथमिकता दी जाएगी, इसकी सूची अभी उपलब्ध नहीं है।
गलियों के गड्ढे भी किए जाएंगे ठीक
सड़क मरम्मत के साथ शहर की गलियों में बने गड्ढों को भी ठीक किया जाएगा।
कई आवासीय क्षेत्रों में गलियों की खराब स्थिति से स्थानीय लोगों को परेशानी होती है।
विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों, पैदल यात्रियों और बुजुर्गों के लिए क्षतिग्रस्त रास्ते असुविधाजनक हो सकते हैं।
गड्ढों की मरम्मत से दैनिक आवागमन में सुधार होने की संभावना है।
हालांकि, कितने गड्ढों की मरम्मत की जाएगी और कुल कितनी लंबाई की सड़कें सुधारी जाएंगी, इसका आंकड़ा सामने नहीं आया है।
वाहन चालकों को मिलेगी राहत
सड़कों पर गड्ढे होने से वाहन चालकों को गति कम करनी पड़ती है और कई बार रास्ता बदलना पड़ता है।
खराब सड़कों के कारण वाहनों के रखरखाव का खर्च भी बढ़ सकता है।
ऐसे में सड़क मरम्मत का काम पूरा होने से वाहन चालकों को राहत मिल सकती है।
बेहतर सड़कें आवागमन को अधिक सुविधाजनक बनाने में मदद करती हैं।
हालांकि, मरम्मत कार्य के दौरान कुछ मार्गों पर अस्थायी असुविधा हो सकती है। इसके लिए कार्यस्थल पर उचित सुरक्षा व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी।
बारिश के दौरान बढ़ती है परेशानी
क्षतिग्रस्त सड़कों और गड्ढों की समस्या बारिश के मौसम में अधिक गंभीर हो सकती है।
गड्ढों में पानी भरने से वाहन चालकों को उनकी गहराई का अनुमान लगाने में कठिनाई होती है।
इससे दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ सकता है।
सड़क मरम्मत के दौरान पानी की निकासी और सड़क की सतह की गुणवत्ता पर ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा।
हालांकि, नगर परिषद की इस योजना में जल निकासी से संबंधित कोई अलग कार्य शामिल है या नहीं, इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं है।
तकनीकी शाखा की रहेगी महत्वपूर्ण भूमिका
नगर परिषद की तकनीकी शाखा ने टेंडर प्रक्रिया पूरी की है।
अब मरम्मत कार्य की गुणवत्ता और निर्धारित शर्तों के पालन की निगरानी महत्वपूर्ण होगी।
सड़क मरम्मत में उचित सामग्री का उपयोग और निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन जरूरी होता है।
इससे मरम्मत किए गए मार्गों की उपयोगिता और टिकाऊपन बेहतर हो सकता है।
हालांकि, नगर परिषद ने गुणवत्ता जांच के लिए कौन-सी व्यवस्था निर्धारित की है, इसका विस्तृत विवरण सामने नहीं आया है।
समय पर काम पूरा होने की उम्मीद
वर्क ऑर्डर जारी होने के बाद अब लोगों को मरम्मत कार्य शुरू होने का इंतजार है।
शहर के सभी 31 वार्डों में काम प्रस्तावित होने के कारण अलग-अलग क्षेत्रों में कार्य की प्राथमिकता तय करना महत्वपूर्ण होगा।
जहां सड़कों की हालत अधिक खराब है, वहां मरम्मत की आवश्यकता भी अधिक हो सकती है।
हालांकि, नगर परिषद ने काम शुरू करने का क्रम और पूरा करने की अंतिम तारीख स्पष्ट नहीं की है।
इन जानकारियों के सामने आने के बाद लोगों को पता चल सकेगा कि उनके क्षेत्र में मरम्मत कब होगी।
शहर की सड़क व्यवस्था में होगा सुधार
नगर परिषद की ओर से डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित सड़क मरम्मत कार्य शहर की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
इसके तहत टूटी सड़कों, क्षतिग्रस्त गलियों और गड्ढों को ठीक किया जाएगा।
सभी 31 वार्डों को तीन हिस्सों में बांटकर 50-50 लाख रुपये के टेंडर लगाए गए हैं।
टेंडर प्रक्रिया पूरी होने और वर्क ऑर्डर जारी होने के बाद अब मरम्मत कार्य शुरू होने की उम्मीद है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से बाजार और आवासीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को खराब सड़कों की समस्या से राहत मिल सकेगी।





