दो लाख क्विंटल धान की सुरक्षा पर सवाल, मौसम बिगड़ने से बढ़ी परेशानी

हिसार: मौसम के बदलते मिजाज और धान की धीमी खरीद व उठान ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नारनौंद की अनाज मंडी और आसपास के खेतों में करीब दो लाख क्विंटल धान खुले आसमान के नीचे पड़ा है। हल्की बारिश के कारण फसल में नमी आने लगी है। ऐसे में यदि बारिश तेज होती है तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। मंडी में पहले से ही शेड के नीचे हजारों क्विंटल धान रखा हुआ है, जबकि उठान की सुस्त रफ्तार के चलते नई फसल के लिए जगह नहीं बच रही है।
मंडी में 1.91 लाख क्विंटल आवक, उठान केवल 93 हजार क्विंटल
नारनौंद अनाज मंडी में अब तक करीब एक लाख 91 हजार क्विंटल धान की आवक हो चुकी है। इसमें से एक लाख 21 हजार क्विंटल की खरीद की गई है, जबकि करीब 93 हजार क्विंटल धान का ही उठान हो पाया है। खरीद और उठान के बीच बने अंतर के कारण मंडी में फसल का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
पर्याप्त जगह नहीं मिलने के कारण करीब एक लाख क्विंटल धान किसानों के खेतों में खुले आसमान के नीचे रखा हुआ है। मंडी में भी बड़ी मात्रा में फसल खुले में पड़ी है। किसानों का कहना है कि लगातार आवक के बावजूद खरीद और उठान में तेजी नहीं आने से उन्हें अपनी फसल खेतों में जमा करके रखनी पड़ रही है।
बारिश से गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका
किसानों को चिंता है कि यदि बारिश का दौर तेज हुआ तो खुले में रखी धान की फसल भीग सकती है। इससे अनाज में नमी बढ़ने और उसकी गुणवत्ता खराब होने का खतरा है। फसल की गुणवत्ता प्रभावित होने पर उसे बेचने में भी परेशानी आ सकती है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
किसानों का कहना है कि पूरे साल मेहनत और पूंजी लगाने के बाद फसल तैयार होती है, लेकिन मंडी में पहुंचने के बाद भी उसकी सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है। खरीद और उठान में देरी के कारण उन्हें मौसम की मार का खतरा झेलना पड़ रहा है।
सुविधाओं की कमी और धीमे उठान पर किसानों ने जताई नाराजगी
किसान कुलबीर, संदीप, वीरेंद्र, जोगिंदर, शमशेर, रणधीर और भारत सिंह सहित अन्य किसानों ने गुरुवार को बताया कि मंडी में फसल बेचने के दौरान उन्हें कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उनके अनुसार, पर्याप्त सुविधाओं के अभाव और धीमे उठान के कारण धान खुले में पड़ा है। जगह की कमी के चलते कुछ किसानों को अपनी फसल खेतों में ही रखनी पड़ रही है।
किसानों ने मांग की कि धान की खरीद और उठान की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। साथ ही खुले में रखी फसल को बारिश से बचाने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए जाएं, ताकि उनकी मेहनत और लागत पर पानी न फिरे।
बारिश से बचाव के लिए तिरपाल लगाने के निर्देश
मार्केट कमेटी के सचिव रवि श्योरान ने बताया कि मंडी में किसानों की धान की फसल की खरीद जारी है। अब तक एक लाख 21 हजार क्विंटल धान खरीदा जा चुका है और उठान का कार्य भी चल रहा है। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण फसल भीगने से बचाने के लिए तिरपाल लगाने के निर्देश दिए गए हैं।





