सरकार निजी बिजली कंपनी को लाइसेंस देने का निर्णय वापस ले: सिहाग

हिसार: कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता एडवोकेट योगेश सिहाग ने हरियाणा सरकार से गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण के लिए निजी कंपनी को समानांतर लाइसेंस देने का फैसला तत्काल वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सरकारी बिजली निगमों के हितों को प्रभावित कर सकता है। इससे निगमों की आमदनी घटने और भविष्य में आम उपभोक्ताओं, किसानों, छोटे कारोबारियों तथा ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ने की आशंका है।
बिजली मंत्री के बयान पर उठाए सवाल
योगेश सिहाग ने शुक्रवार को कहा कि इस फैसले से सरकार के भीतर तालमेल को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के बिजली मंत्री अनिल विज ने स्पष्ट किया है कि उन्हें इस निर्णय की जानकारी नहीं थी और वह निजीकरण के खिलाफ हैं।
हड़ताल से बिजली-पानी की आपूर्ति प्रभावित
सिहाग ने कहा कि बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल के कारण प्रदेश के कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। गुरुग्राम, नूंह और झज्जर सहित विभिन्न इलाकों में लोगों को बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। बिजली आपूर्ति बाधित होने से पेयजल व्यवस्था पर भी असर पड़ा है।
उन्होंने कहा कि त्योहारी सीजन में बिजली संकट ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सरकार को कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और बिजली आपूर्ति सामान्य करने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए।





