हरियाणा

1646 वार्ड कमेटियों के गठन से मजबूत होगी स्थानीय व्यवस्था

Admindelhi1
26 Sept 2026 12:18 PM IST
1646 वार्ड कमेटियों के गठन से मजबूत होगी स्थानीय व्यवस्था
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हरियाणा सरकार की शहरी क्षेत्रों को लेकर बड़ी पहल

चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आमजन की सुविधा व शिकायतों के समाधान के लिए प्रदेश के सभी शहरी निकायों में 1646 वार्ड समितियों का गठन किया गया है। कोई भी व्यक्ति स्वच्छता व कचरा संग्रहण के संबंध में इन वार्ड समितियों के व्हाटसएप नंबर पर शिकायत दर्ज करवा सकता है जिसका समयबद्ध समाधान किया जाएगा।

इसी प्रकार घर-घर कचरा उठाने वाले वाहनों की निगरानी के लिए 87 में से 83 शहरी स्थानीय निकायों में 4जी व 5जी नेटवर्क वाली जीपीएस प्रणाली के वाहन चलाए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को शेष चार शहरी स्थानीय निकायों में भी इस प्रक्रिया को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी प्रदेश के शहरी निकायों में सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम, रूट मैपिंग, मशीनरी की उपलब्धता, पोर्टल के माध्यम से भुगतान, वार्ड समितियों के गठन, स्वच्छता पखवाड़ा कलैंडर, बल्क वेस्ट जनरेटर्स की पहचान व पंजीकरण तथा एनजीओ मैपिंग एंड एमओयू सहित विभिन्न विषयों की समीक्षा कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने घर-घर कचरा संग्रहण के लिए रूट मैपिंग की स्थिति की भी समीक्षा की। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा ने बताया कि जून में जहां प्रदेश के 87 में से केवल 28 शहरी स्थानीय निकायों में 100 रूट मैपिंग का कार्य पूरा हुआ था, वहीं 20 सितंबर तक यह संख्या बढक़र 66 हो गई है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक वार्ड के रूट मैपिंग में संबंधित कचरा संग्रहण वाहन, उसका समय और चालक का संपर्क नंबर शामिल किया जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सेवा प्रदाता एजेंसियों को भुगतान केवल सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट पोर्टल के माध्यम से किया जाए। अधिकारियों ने बताया कि सितंबर तक 87 में से 86 शहरी स्थानीय निकायों में 1,646 वार्ड कमेटियां गठित की जा चुकी हैं जो पूरी तरह से सक्रिय हैं। वार्ड कमेटियों के सदस्यों को पहचान पत्र भी उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने वार्ड कमेटियों को स्वच्छता व्यवस्था की निगरानी, स्थानीय समस्याओं की पहचान और नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने में सक्रिय भूमिका देने पर जोर दिया। आयुक्त एवं सचिव ने बताया कि सभी 23 जिलों के उपायुक्तों के लिए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पोर्टल पर यूजर आईडी बनाई जा चुकी है। प्रदेश के 23 जिलों में से 21 जिलों में जिला विशेष प्रकोष्ठों का गठन किया जा चुका है।

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