हरियाणा

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में बदलाव के साथ बढ़ रही संभावनाएं

Admindelhi1
30 Oct 2026 12:17 PM IST
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में बदलाव के साथ बढ़ रही संभावनाएं
x
फूड प्रोसेसिंग उद्योग में उभर रही नई संभावनाओं पर जोर

हिसार: खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में तेजी से हो रहे तकनीकी बदलावों के बीच विद्यार्थियों को पारंपरिक ज्ञान के साथ आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव भी हासिल करना चाहिए। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डेटा विश्लेषण और तकनीक आधारित निर्णय प्रक्रिया खाद्य प्रौद्योगिकी के क्षेत्र को नई दिशा दे रहे हैं। विद्यार्थियों को इन बदलावों के अनुरूप अपनी दक्षताओं का विकास करना होगा। यह बात प्रख्यात शिक्षाविद्, वैज्ञानिक एवं पूर्व कुलपति प्रो. डॉ. नरेंद्र सिंह राठौड़ ने कही।

वे गुरुवार को गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के खाद्य प्रौद्योगिकी विभाग में आयोजित शिक्षक-विद्यार्थी संवाद कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (एफईटी) की डीन प्रो. अलका शर्मा, प्रो. मनीष कुमार, डॉ. ज्योति, डॉ. सोनिका, डॉ. नेहा यादव, इंजीनियर सुनील कुमार और इंजीनियर मिथुन भी मौजूद रहे।

औद्योगिक बदलावों के अनुरूप कौशल विकसित करने पर जोर

प्रो. राठौड़ ने खाद्य प्रौद्योगिकी के मूलभूत सिद्धांतों, इसके विकास क्रम और बदलते औद्योगिक परिदृश्य पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण और इससे जुड़े उद्योगों में तकनीकी नवाचारों का महत्व लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में विद्यार्थियों के लिए उद्योगों की बदलती जरूरतों के साथ कदमताल करना जरूरी है।

उन्होंने विद्यार्थियों को विषय की बुनियादी अवधारणाओं पर मजबूत पकड़ बनाने के साथ नई तकनीकों को अपनाने और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने की सलाह दी। उनके अनुसार, आधुनिक तकनीकी दक्षताएं विद्यार्थियों को भविष्य की औद्योगिक चुनौतियों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण साबित होंगी।

शिक्षा और उद्योग के बीच संवाद को बताया जरूरी

प्रो. मनीष कुमार ने कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों को अनुभवी शिक्षाविदों के विचारों और अनुभवों से सीखने का अवसर देते हैं। इससे उन्हें खाद्य प्रौद्योगिकी के बदलते स्वरूप को समझने के साथ शिक्षा और उद्योग के बीच बेहतर तालमेल विकसित करने में मदद मिलती है।

उन्होंने कार्यक्रम को विद्यार्थियों के शैक्षणिक और व्यावसायिक विकास की दिशा में सार्थक पहल बताया। वहीं, व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद प्रो. राठौड़ का विद्यार्थियों के बीच पहुंचकर उनका मार्गदर्शन करना उनकी शैक्षणिक प्रतिबद्धता और युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की भावना को दर्शाता है।

Next Story