
फरीदाबाद : हरियाणा के फरीदाबाद जिले के बल्लभगढ़ में बुधवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। शहर थाना क्षेत्र के चावला कॉलोनी हाईवे स्थित सोहना टी-प्वाइंट के पास एक बंद दुकान का जर्जर छज्जा अचानक भरभराकर गिर पड़ा। उस समय दुकान के नीचे खड़े दो युवक मलबे की चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू कर दोनों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस हादसे के बाद क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह के समय इलाके में सामान्य गतिविधियां चल रही थीं। इसी दौरान बंद पड़ी दुकान का पुराना और जर्जर छज्जा अचानक टूटकर नीचे आ गिरा। हादसा इतना अचानक हुआ कि नीचे खड़े दोनों युवकों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और वे भारी मलबे के नीचे दब गए। तेज धमाके की आवाज सुनकर आसपास के दुकानदार और राहगीर मौके पर पहुंचे।
स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए मलबा हटाने का प्रयास शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद दोनों युवकों को बाहर निकाला गया। सूचना मिलते ही पुलिस और अन्य राहत दल भी मौके पर पहुंच गए। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के अनुसार, हादसा शहर थाना क्षेत्र के सोहना टी-प्वाइंट के पास स्थित एक दुकान पर हुआ। यह दुकान अहिरवाड़ा निवासी राहुल की बताई जा रही है, जहां पेप्सी, चाय और अन्य सामान की बिक्री की जाती थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दुकान पिछले तीन दिनों से बंद थी और घटना के समय दुकान के भीतर कोई मौजूद नहीं था।
अधिकारियों ने बताया कि दुकान का छज्जा काफी पुराना और जर्जर हो चुका था। आशंका जताई जा रही है कि लंबे समय से रखरखाव नहीं होने और कमजोर संरचना के कारण यह हादसा हुआ। हालांकि, दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया और आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की। पुलिस ने दोनों मृतकों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई है।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी भी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि शहर में कई पुराने और जर्जर भवन तथा दुकानों के छज्जे लंबे समय से खतरा बने हुए हैं, लेकिन उनकी मरम्मत या हटाने की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। उनका आरोप है कि समय रहते ऐसे ढांचों की जांच होती तो इस तरह की दुर्घटना टाली जा सकती थी।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि शहर में जर्जर इमारतों और दुकानों का सर्वे कराया जाए तथा जो भवन लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए हैं, उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि बरसात के मौसम में पुराने निर्माण और भी कमजोर हो जाते हैं, जिससे इस तरह की घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।
नगर निगम और संबंधित विभागों के अधिकारियों से भी हादसे को लेकर रिपोर्ट मांगी गई है। संभावना जताई जा रही है कि भवन की स्थिति और सुरक्षा मानकों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पुराने भवनों और दुकानों की समय-समय पर तकनीकी जांच कराना आवश्यक है। जर्जर छज्जे, दीवारें और छतें कभी भी दुर्घटना का कारण बन सकती हैं। ऐसे मामलों में भवन मालिकों के साथ-साथ संबंधित स्थानीय निकायों की भी जिम्मेदारी होती है कि वे सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करें।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर जर्जर भवनों की सुरक्षा और उनके नियमित रखरखाव की आवश्यकता को उजागर कर दिया है। वहीं, दो युवकों की असमय मौत से उनके परिवारों में मातम पसरा हुआ है और पूरे इलाके में शोक का माहौल बना हुआ है।





