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खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए विभाग ने किया औचक निरीक्षण

Admindelhi1
23 Oct 2026 10:20 AM IST
खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए विभाग ने किया औचक निरीक्षण
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खाद विक्रेताओं को नियमों के अनुसार बिक्री करने की हिदायत

नूंह: जिले में खाद की उपलब्धता और बिक्री व्यवस्था पर निगरानी रखने के लिए कृषि विभाग की टीम ने गुरुवार को खाद विक्रेताओं की दुकानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान तावड़ू के निजामपुर स्थित दिलशाद खाद बीज भंडार पर डीएपी खाद निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बेचने की शिकायत की जांच की गई। जांच में शिकायत सही नहीं पाई गई।

उप कृषि निदेशक डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि निरीक्षण के दौरान संबंधित दुकान के स्टॉक रजिस्टर और पीओएस मशीन में दर्ज रिकॉर्ड का मिलान किया गया, जो सही पाया गया। मौके पर डीएपी खाद का एक बैग भी उपलब्ध मिला। जांच के बाद अधिक कीमत वसूलने की शिकायत निराधार पाई गई। उन्होंने जिले के सभी खाद विक्रेताओं को निर्देश दिए कि डीएपी सहित सभी प्रकार के उर्वरकों की बिक्री सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर ही की जाए। साथ ही स्टॉक रजिस्टर और पीओएस मशीन में खाद के स्टॉक व बिक्री का रिकॉर्ड नियमानुसार अपडेट रखा जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 तथा अन्य लागू नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि आईएफएफसीओ और आईपीएल कंपनियों की खाद की रैक पलवल में लगी है, जहां से नूंह जिले के लिए भी खाद की आपूर्ति की जा रही है। निर्धारित व्यवस्था के अनुसार उपलब्ध खाद का 60 प्रतिशत हिस्सा सरकारी पैक्स के माध्यम से, जबकि 40 प्रतिशत हिस्सा निजी उर्वरक विक्रेताओं के जरिए किसानों तक पहुंचाया जाएगा।

किसानों से संतुलित उर्वरक उपयोग की अपील

उप कृषि निदेशक ने किसानों से अपील की कि वे फसलों में खाद का उपयोग कृषि विशेषज्ञों की सलाह और आवश्यकता के अनुसार करें तथा केवल डीएपी पर निर्भर न रहें। किसान नैनो डीएपी के साथ-साथ उपलब्ध एनपीके खाद का भी विकल्प के रूप में उपयोग कर सकते हैं। एनपीके में नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश जैसे प्रमुख पोषक तत्व होते हैं, जो फसलों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि उर्वरकों का संतुलित उपयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषण मिलता है। किसानों को उपलब्ध विकल्पों की जानकारी लेकर उनका उचित उपयोग करना चाहिए, ताकि खाद की उपलब्धता का बेहतर लाभ मिल सके।

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