हरियाणा

ई-खरीद पोर्टल में तकनीकी गड़बड़ी से Sirsa में गेहूं की बिक्री बाधित

Kiran
14 April 2026 9:00 AM IST
ई-खरीद पोर्टल में तकनीकी गड़बड़ी से Sirsa में गेहूं की बिक्री बाधित
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Sirsa सिरसा ई-खरीद पोर्टल में तकनीकी गड़बड़ी से सिरसा में गेहूं की बिक्री बाधित

सिरसा, हरियाणा में गेहूं की बिक्री पर एक बड़ी तकनीकी गड़बड़ी के कारण किसानों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल, राज्य सरकार ने गेहूं की खरीद के लिए जो ई-खरीद पोर्टल जारी किया था, उसमें हाल ही में एक तकनीकी समस्या उत्पन्न हो गई, जिसके चलते किसानों को अपनी उपज बेचने में समस्या हो रही है। ई-खरीद पोर्टल के जरिए ही राज्य सरकार द्वारा गेहूं की खरीद की प्रक्रिया संचालित होती है, और यह किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है।

सिरसा जिले में, जहां हर साल बड़ी मात्रा में गेहूं की खरीद की जाती है, यह तकनीकी गड़बड़ी किसानों के लिए सिरदर्द बन गई है। किसानों का कहना है कि पोर्टल पर लॉगिन करने में दिक्कत आ रही है, और उनका डेटा सही तरीके से अपडेट नहीं हो पा रहा है। इससे न सिर्फ खरीद प्रक्रिया में देरी हो रही है, बल्कि किसानों को अपनी उपज के सही मूल्य का भी नुकसान हो रहा है। कई किसान तो यह भी शिकायत कर रहे हैं कि पोर्टल पर गेहूं बेचने के लिए आवश्यक दस्तावेज़ भी सही तरीके से अपलोड नहीं हो पा रहे हैं, जिससे उनकी गेहूं की बिक्री रुकी हुई है।

इस गड़बड़ी के कारण सरकार की गेहूं खरीद योजना पर भी असर पड़ा है। हर साल जैसे ही गेहूं की फसल कटाई के बाद मंडियों में आती है, सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं की खरीद शुरू कर दी जाती है। लेकिन इस बार तकनीकी गड़बड़ी के चलते न केवल किसानों को तंग होना पड़ा, बल्कि उन्हें अपनी उपज मंडी में बेचने के लिए अन्य विकल्प तलाशने पड़े हैं। यही नहीं, कई किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी अधिकारियों के पास इस समस्या का कोई ठोस समाधान नहीं था, जिससे स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई है।

सिरसा जिले के कृषि अधिकारी ने इस मामले में स्पष्ट किया कि पोर्टल में तकनीकी गड़बड़ी को हल करने के लिए टीम काम कर रही है और जल्द ही समस्या का समाधान कर लिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने किसानों से अपील की कि वे धैर्य बनाए रखें और जल्द ही सभी कार्य सही तरीके से पूरे होंगे। हालांकि, किसानों का मानना है कि इस तरह की तकनीकी समस्याएं बार-बार उत्पन्न होती हैं, और राज्य सरकार को इससे निपटने के लिए एक स्थिर और प्रभावी योजना बनानी चाहिए।

ई-खरीद पोर्टल के संचालन में इस तरह की समस्याएं किसानों के लिए एक गंभीर चिंता का कारण बन सकती हैं, क्योंकि उन्हें अपनी फसल के उचित मूल्य और समय पर बिक्री की जरूरत होती है। अगर इस तरह की समस्याएं जारी रहती हैं तो किसानों के मन में सरकारी योजनाओं के प्रति विश्वास कम हो सकता है, जो आगे चलकर कृषि क्षेत्र के लिए एक नकारात्मक संकेत हो सकता है।

अंततः, यह कहा जा सकता है कि तकनीकी गड़बड़ी से सिरसा में गेहूं की बिक्री में जो बाधा आई है, वह केवल एक स्थानीय समस्या नहीं है, बल्कि यह पूरे राज्य के कृषि क्षेत्र की स्थिरता और सरकारी योजनाओं की दक्षता पर सवाल खड़ा करती है। सरकार को इस समस्या का हल निकालने के लिए त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए ताकि किसानों को उनकी मेहनत का सही फल मिल सके और कृषि क्षेत्र की बेहतरी के लिए यह व्यवस्था सुदृढ़ बनी रहे।

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