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HTET राहत की मांग को लेकर शिक्षक मिले CM से

Kavita2
20 Sept 2026 3:51 PM IST
HTET राहत की मांग को लेकर शिक्षक मिले CM से
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चंडीगढ़। चंडीगढ़ में डेपुटेशन पर कार्यरत हरियाणा के शिक्षकों ने 2009 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (HTET) की अनिवार्यता से राहत देने की मांग उठाई है। इस संबंध में हरियाणा डेपुटेशन एम्पलाई वेलफेयर एसोसिएशन (एचडीईडब्ल्यूए) के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री हरियाणा से मुलाकात कर शिक्षकों की समस्याओं से अवगत कराया।

प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व एसोसिएशन के महासचिव राजबीर नैन ने किया। इस दौरान शिक्षकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई, जिसमें खास तौर पर 2009 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए HTET की अनिवार्यता का मामला प्रमुख रहा।

मुख्यमंत्री के सामने रखी शिक्षकों की मांग

एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि HTET की अनिवार्यता का विषय हरियाणा शिक्षा विभाग के बड़ी संख्या में शिक्षकों के भविष्य से जुड़ा हुआ है।

उन्होंने कहा कि कई शिक्षक ऐसे हैं, जिनकी नियुक्ति 2009 से पहले हुई थी और उन्होंने लंबे समय तक शिक्षा विभाग में अपनी सेवाएं दी हैं। ऐसे शिक्षकों के सामने अब पात्रता परीक्षा से जुड़ी नई परिस्थितियों के कारण चिंता पैदा हो रही है।

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से इस मामले में सकारात्मक पहल करने की अपील की।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का दिया हवाला

एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी बात रखते हुए कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का सम्मान किया जाना चाहिए।

उन्होंने आग्रह किया कि प्रभावित शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए उपलब्ध संवैधानिक और कानूनी विकल्पों पर विचार किया जाए, ताकि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों को राहत मिल सके।

प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि शिक्षकों के अनुभव और सेवाओं को देखते हुए सरकार को मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।

बड़ी संख्या में शिक्षकों से जुड़ा मामला

एचडीईडब्ल्यूए ने कहा कि HTET अनिवार्यता का मुद्दा केवल कुछ शिक्षकों तक सीमित नहीं है, बल्कि हरियाणा शिक्षा विभाग के बड़ी संख्या में कर्मचारियों से जुड़ा हुआ है।

एसोसिएशन के अनुसार, कई शिक्षक वर्षों से शिक्षा व्यवस्था का हिस्सा हैं और उन्होंने अपने कार्यकाल में विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में योगदान दिया है।

उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि मामले का समाधान निकालते समय शिक्षकों की सेवा अवधि और योगदान को भी ध्यान में रखा जाए।

डेपुटेशन पर कार्यरत शिक्षकों की भी चिंता

चंडीगढ़ में डेपुटेशन पर कार्यरत हरियाणा के शिक्षकों ने भी इस मुद्दे को महत्वपूर्ण बताया है। उनका कहना है कि शिक्षा विभाग से जुड़े फैसलों का असर शिक्षकों के करियर और भविष्य पर पड़ता है।

एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से शिक्षकों से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर देखने की मांग की।

सरकार से समाधान की उम्मीद

प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार इस मामले में उचित कदम उठाएगी और प्रभावित शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए समाधान निकालेगी।

एसोसिएशन ने कहा कि वह शिक्षकों के अधिकारों और हितों को लेकर सरकार के सामने अपनी बात रखती रहेगी।

कानूनी पहलुओं पर विचार की मांग

एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि मामले के सभी कानूनी पहलुओं का अध्ययन किया जाए। उन्होंने कहा कि संवैधानिक प्रावधानों के तहत जो भी विकल्प उपलब्ध हैं, उन पर विचार कर शिक्षकों को राहत देने की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं।

फिलहाल इस मामले में सरकार की ओर से आगे की कार्रवाई और निर्णय का इंतजार है।

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