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हरियाणा के नारनौल मे करोड़ों रुपये लागत से बनेगा ताजमहल

Admin Delhi 1
22 Aug 2022 8:51 AM GMT
हरियाणा के नारनौल मे करोड़ों रुपये लागत से बनेगा ताजमहल
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हरयाणा न्यूज़: नारनौल जिले की ऐतिहासिक धरोहर बीरबल का छत्ता आज जर्जर अवस्थाथा में पहुंच चुकी है. सरकार ने 40 वर्षों के बाद इसकी मरम्मत करवाने की सुध ली है. शाहजहां के काल में राय मुकुंद दास द्वारा निर्मित हरियाणा की मशहूर ऐतिहासिक धरोहर बीरबल का छत्ता के मरम्मत का कार्य जल्द शुरू किया जाएगा. इसकी दीवारों को मजबूती प्रदान करने के लिए स्पेशल चूना MP के कटनी की पहाड़ियों से मंगवाया जा रहा है. पहले चरण में इस पर सरकार के द्वारा 3 करोड़ रुपए तक खर्च किए जाएंगे.

40 वर्ष बाद सरकार ने ली सुध: बीरबल का छत्ता आज बिल्कुल कमजोर स्थिति में पहुंच गया है, इसकी छत भी अब गिरने लगी है. पिछले लगभग 40 वर्षों से इस ऐतिहासिक धरोहर की तरफ प्रकार सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही थी. 40 वर्षों के बाद ऐसा हुआ है कि सरकार ने इसकी मरम्मत का कार्य शुरू करवाने का निर्णय लिया है. इसकी मरम्मत के लिए गुड, दाल, बेलगिरी, सिरा, आदि का प्रयोग होगा. जानकारी के लिए बता दे कि अब मरमत के बाद बीरबल के छते को नौरनौल के ताजमहल के नाम से जाना जाएगा.

मरम्मत के लिए 5 करोड़ का बजट पास: उपायुक्त अजय कुमार ने सभी प्राचीन धरोहरों का दौरा किया और इनकी मरम्मत के लिए 5 करोड़ रूपये का बजट पास करवाया. इसमें से 3 करोड रुपए बीरबल के छत्ते पर और 1 करोड़ 95 लाख रुपए अलीजान की बावड़ी के मरम्मत पर ख़र्च किए जाएंगे. 4 मंजिला इस इमारत में हॉल कमरे, बेसमेंट, सेंट्रल कोर्ट, रानी निवास आदि स्थान बनाए गए है. वर्तमान समय में इसकी अधिकांश छते गिर चुकी है. इनके बेसमेंट में भारी मात्रा में गंदगी भरी हुई है.

गंदगी और चमगादड़ अधिक होने से काम करने में आ रही परेशानी: इसको लेकर दीपक सुपरवाइजर ने बताया कि इस स्थान पर गंदगी और चमगादड़ की संख्या अधिक होने से काम करने में परेशानी आ रही है. इसलिए पहले यहां पर साफ सफाई का कार्य किया जा रहा है. विभाग के XEN अश्विनी कुमार ने बताया कि यहां पर बनाए गए मकान सामान्य नहीं है, क्योंकि इसका ढांचा सुदृढ़ और मजबूत है. उन्होंने बताया कि इस भवन के प्रथम चरण का कार्य पूरा होने में लगभग 6 महीने का समय लग जाएगा. उन्होंने कहा कि इस इमारत की सभी दीवारें मजबूती के साथ खड़ी हुई है केवल इनके जोड़ ही कमजोर हुए हैं, जिन्हें प्रथम चरण में भरकर मजबूत करने का कार्य किया जाएगा.

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