
गुरुग्राम : सुशांत लोक इलाके में हुए पुलिस एनकाउंटर मामले की जांच तेज कर दी गई है। शुक्रवार को फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम और गुरुग्राम पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल से जरूरी सबूत जुटाने की प्रक्रिया शुरू की।
यह वही जगह है, जहां गुरुवार रात पुलिस और विदेश में रहने वाले गैंगस्टर दीपक नांदल गैंग के कथित शूटरों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस एनकाउंटर में गैंग के चार शूटर मारे गए, जबकि एक आरोपी घायल हुआ है। पुलिस कार्रवाई के दौरान तीन पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे।
पुलिस के अनुसार, आरोपी बदमाश कथित रूप से SGT यूनिवर्सिटी के फाउंडर के बेटे के घर पर फिरौती की मांग को लेकर फायरिंग करने पहुंचे थे। पुलिस को इस गतिविधि की सूचना मिलने के बाद टीम ने इलाके में कार्रवाई की और बदमाशों को घेर लिया।
#WATCH | Gurugram, Haryana | FSL (Forensic Science Laboratory) Team and Gurugram Police at the spot in Sushant Lok in Gurugram where four shooters of the foreign-based Deepak Nandal gang were killed, and one was injured during a police encounter.
— ANI (@ANI) July 10, 2026
The miscreants had arrived to… pic.twitter.com/D3TvbsGU7t
बताया गया कि पुलिस और बदमाशों के बीच काफी देर तक गोलीबारी हुई। जवाबी कार्रवाई में चार आरोपियों की मौत हो गई, जबकि एक घायल बदमाश को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। मुठभेड़ के दौरान तीन पुलिसकर्मियों को भी गोली लगी, जिनका इलाज कराया जा रहा है।
घटना के बाद पुलिस ने पूरे इलाके को सुरक्षित कर लिया और जांच शुरू कर दी। FSL टीम ने घटनास्थल से गोलियों के खोखे, हथियारों और अन्य सबूतों को जुटाने का काम किया। फोरेंसिक जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि मुठभेड़ के दौरान किस तरह की हथियारों का इस्तेमाल हुआ और घटनाक्रम कैसे आगे बढ़ा।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मारे गए बदमाशों की पहचान और उनके आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि उनका संबंध दीपक नांदल गैंग से किस स्तर तक था और वे किन अन्य वारदातों में शामिल रहे हैं।
जांच एजेंसियां अब इस बात पर भी फोकस कर रही हैं कि बदमाशों को SGT यूनिवर्सिटी के फाउंडर के बेटे के घर की जानकारी कैसे मिली और क्या उनके साथ कोई स्थानीय मददगार भी जुड़ा हुआ था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई फिरौती और रंगदारी से जुड़े मामलों पर बड़ी कार्रवाई के रूप में देखी जा रही है। गुरुग्राम पुलिस लंबे समय से सक्रिय गैंग और उनके नेटवर्क पर नजर बनाए हुए है।
मुठभेड़ के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में भी जांच अभियान चलाया और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
FSL टीम द्वारा जुटाए गए सबूतों को जांच के लिए लैब भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद एनकाउंटर की पूरी प्रक्रिया और गोलीबारी से जुड़े तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है। घायल आरोपी से भी पूछताछ की जाएगी ताकि गैंग की गतिविधियों और अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी मिल सके।
इस घटना के बाद गुरुग्राम में सक्रिय आपराधिक गिरोहों को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। पुलिस का कहना है कि संगठित अपराध और रंगदारी मांगने वाले गिरोहों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
फिलहाल पुलिस की कई टीमें मामले की जांच में जुटी हैं। घटनास्थल से मिले सबूत, आरोपी बदमाशों की पहचान, उनके पुराने रिकॉर्ड और गैंग के नेटवर्क की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सुशांत लोक एनकाउंटर मामले में अब FSL रिपोर्ट और पुलिस जांच के अगले चरण महत्वपूर्ण होंगे, जिससे पूरी घटना की तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।





