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सोनीपत में छात्र की मौत
सोनीपत: हरियाणा के सोनीपत जिले में स्कूल से लापता हुए 10वीं कक्षा के छात्र की मौत का मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। छात्र का शव चार दिन बाद बरामद हुआ, जिसके बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। इस घटना ने पुलिस की कार्रवाई और जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
परिजनों का आरोप है कि छात्र के लापता होने के बाद समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। यदि पुलिस ने शुरुआत से ही मामले को गंभीरता से लिया होता तो शायद छात्र को बचाया जा सकता था। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
स्कूल से निकला था छात्र, फिर नहीं लौटा
जानकारी के मुताबिक, 10वीं कक्षा में पढ़ने वाला छात्र रोज की तरह स्कूल गया था, लेकिन इसके बाद वह घर वापस नहीं पहुंचा। काफी देर तक छात्र के नहीं लौटने पर परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। जब कोई जानकारी नहीं मिली तो परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने छात्र की तलाश शुरू की, लेकिन कई दिनों तक उसका कोई सुराग नहीं मिला। आखिरकार चार दिन बाद छात्र का शव मिलने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
शव मिलने के बाद बढ़ा आक्रोश
छात्र की मौत की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए नाराजगी जताई। उनका कहना है कि गुमशुदगी की शिकायत मिलने के बाद पुलिस को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए थी। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए।
जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का पता चल सकेगा। पुलिस छात्र के स्कूल से निकलने के बाद की पूरी गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है। जांच के दौरान छात्र के दोस्तों, स्कूल स्टाफ और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।
परिवार को इंसाफ का इंतजार
मृतक छात्र के परिवार का कहना है कि उन्होंने अपने बच्चे को सुरक्षित वापस पाने की उम्मीद लगाई थी, लेकिन चार दिन बाद उसकी मौत की खबर मिली। परिजन अब मामले में सच्चाई सामने आने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उन्होंने पुलिस से सवाल किया है कि लापता होने के बाद शुरुआती घंटों में तलाशी अभियान को तेज क्यों नहीं किया गया और मामले में देरी क्यों हुई।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता
इस घटना के बाद स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों के लापता होने जैसे मामलों में पुलिस और प्रशासन को तुरंत सक्रिय होना चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि शुरुआती समय किसी भी गुमशुदगी मामले में बेहद महत्वपूर्ण होता है। समय पर कार्रवाई, तकनीकी जांच और बेहतर समन्वय से कई मामलों में बच्चों की जान बचाई जा सकती है। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और सभी की नजरें पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा जांच के अगले चरण पर टिकी हुई हैं।
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