हरियाणा के मेवात के नूंह में बजरंगदल की शोभायात्रा के दौरान पथराव और आगजनी हुई, जिसके बाद वहां अत्याचार भड़क गई। इसमें दो लोगों की जान चली गई और कई लोग घायल हो गए हैं। शोभायात्रा के दौरान अचानक हुई पत्थरबाजी अत्याचार में बदल गई। दो गुटों में हुए विवाद के बाद तीन दर्जन से अधिक गाड़ियों को आग लगा दी गई। पुलिस पर भी पथराव किया गया। गुरुग्राम पुलिस कमिश्नर कला रामचंद्रन के अनुसार, अत्याचार में 2 होमगार्ड जवानों की मृत्यु हो गई, जबकि 10 पुलिसवाले घायल हुए हैं।
उपद्रवियों ने साइबर पुलिस स्टेशन पर भी किया हमला
उपद्रवियों ने नूंह के साइबर थाना पर भी धावा कर दिया। विद्रोहियों ने पथराव किया और बाहर खड़ी गाड़ियों में आग लगा दी। हंगामे को देख पुलिसवालों को जान बचाकर भागना पड़ा। मेवात के कस्बे नगीना और फिरोजपुर-झिरका में भी कई स्थान आगजनी की गई। इस पूरी अत्याचार पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने ट्वीट भी किया। उन्होंने लिखा, ‘घटना दुर्भाग्यपूर्ण है, मैं सभी लोगों से प्रदेश में शांति बनाए रखने की अपील करता हूं। गुनेहगार लोगों को किसी भी मूल्य पर बख्शा नहीं जाएगा, उनके विरुद्ध कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी।’
हरियाणा के मेवात और नूंह में हुई अत्याचार के बाद प्रशासन बहुत कठोर है। अत्याचार को देखते हुए नूंह में धारा 144 लगा दिया गया है और इंटरनेट सर्विस को बंद कर दिया गया। इसके साथ ही पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स की तैनाती की गई है। नूंह और मेवात में हुई अत्याचार को लेकर अब प्रशासन किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतने वाला है। सभी विद्यालय और कॉलेज अभी बंद रहेंगे। इसके साथ ही फरीदाबाद में भी सभी शिक्षण संस्थानों को बंद करने का आदेश दे दिया गया है।
दोनों समुदायों के बीच हुई बैठक
नूंह में हुई अत्याचार के बीच दोनों समुदायों के बीच बैठक भी हुई है। क्षेत्रीय प्रशासन के साथ कई सियासी और सामाजिक लोग इस बैठक में उपस्थित रहे। आज (1 अगस्त) सुबह 11 बजे फिर दोनों समुदायों की बड़ी बैठक कराई जाएगी। नूंह जिले में अभी स्थिति सामान्य है। नूंह में दो पक्षों के बीच हुई अत्याचार को लेकर हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने केंद्र गवर्नमेंट से सहायता मांगी है और इसकी पूरी जानकारी भी केंद्र को दी गई है।