
सोनीपत: बिजली चोरी पकड़ने गई बिजली निगम की टीम पर ग्रामीणों ने बुधवार की रात को अचानक हमला कर दिया। टीम घटना के सबूत मोबाइल में रिकॉर्ड कर रही थी, तभी आसपास के लोग जमा हो गए और कर्मचारियों का विरोध शुरू कर दिया। विरोध बढ़ते ही भीड़ ने गली में पड़ी ईंटें उठाकर कर्मचारियों पर फेंकनी शुरू कर दी और लात-घूंसे भी मारे। हमले में विभाग के पांच कर्मचारी घायल हो गए, जिनमें दो को गहरी चोटें आई हैं।
वारदात के बाद साथियों ने किसी तरह घायलों को बाहर निकाला और सिविल अस्पताल खरखौदा पहुंचाया, जहां सभी का उपचार जारी है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। घायल कर्मचारी की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। बिजली निगम के जेई सतबीर के अनुसार, बुधवार रात सब-ऑफिस खरखौदा में बिजली चोरी की शिकायत मिली थी। इस पर वह अपनी टीम के साथ बुधवार रात लगभग 11 बजे गांव रिढाऊ पहुंचे। शिकायत रविंद्र के घर से संबंधित थी, जिसके पास स्थित मंदिर की तरफ से अवैध रूप से पीवीसी केबल में कट लगाकर कनेक्शन जोड़ा गया था। टीम ने मौके पर डायरेक्ट केबल के माध्यम से हो रही बिजली चोरी की वीडियोग्राफी शुरू की ही थी कि अचानक 4-5 अज्ञात लोग वहां आ गए और कर्मचारियों पर हमला कर दिया। हमले में जेई सतबीर, फोरमैन बालकिशन, लाइनमैन नवीन, जोगेंद्र और सहायक लाइनमैन हरदीप घायल हुए। घटना के बाद पुलिस चौकी फरमाणा में जेई की शिकायत दर्ज की गई।
थाना खरखौदा पुलिस ने केस दर्ज कर एएसआई के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। मामले में आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।





