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Sonipat: ग्रेप-3 के तहत सोनीपत में कार्रवाई तेज, 19 टीमों ने की छापेमारी

Admindelhi1
22 Nov 2025 11:04 AM IST
Sonipat: ग्रेप-3 के तहत सोनीपत में कार्रवाई तेज, 19 टीमों ने की छापेमारी
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सोनीपत: सोनीपत जिले में वायु प्रदूषण रोकथाम के लिए शुक्रवार को जिला प्रशासन और सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने ग्रेप-3 के तहत बड़े स्तर पर अभियान चलाया। इस कार्रवाई की शुरुआत सुबह राई रेस्ट हाउस से हुई, जहां 55 अधिकारियों और भारी पुलिस बल के साथ कुल 19 टीमें मौके पर उतारी गईं। उपायुक्त सुशील सारवान, डीसीपी नरेन्द्र कादियान और जिले के चार एसडीएम की अगुवाई में कुंडली, नाथूपुर, राई और बड़ी उद्योग इकाइयों वाले इलाकों में एक साथ उद्योगों की व्यापक जांच व छापेमारी की गई।

जिले के कुंडली, नाथूपुर, राई और बड़ी उद्योग इकाइयों वाले इलाकों में एक साथ छापेमारी शुरू हुई। टीमों ने उत्पादन प्रक्रिया, कचरे के निपटान, प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों तथा उत्सर्जन स्तर का परीक्षण किया। जिन इकाइयों में नियमों की अनदेखी के संकेत मिले, वहां त्वरित कार्रवाई की गई। सुरक्षा और निष्पक्षता को देखते हुए सभी टीमों के साथ पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती रखी गई।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिला प्रशासन का यह संयुक्त अभियान इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि लगातार बढ़ रहे वायु प्रदूषण और जहरीली हो रही हवा ने जिला प्रशासन को कठोर कदम उठाने पर मजबूर किया है। यह उल्लेखनीय है कि गुरुवार को भी जिला प्रशासन ने इसी अभियान के तहत बड़े स्तर पर कार्रवाई की थी। फिरोजपुर बांगर क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित चार औद्योगिक इकाइयों को सील किया गया था। ये इकाइयां प्रदूषण नियंत्रण आदेशों का पालन नहीं कर रही थीं। टीमों ने आठ अवैध धातु पिघलाने वाली भट्टियों को ध्वस्त किया और करीब दो टन धातु स्क्रैप से भरा एक वाहन भी जब्त किया। यह वाहन दिल्ली क्षेत्र से अवैध स्क्रैप ला रहा था।

हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अजय मलिक ने बताया कि जिन चार इकाइयों को सील किया गया, उनके खिलाफ अक्तूबर में सीपीसीबी और सीएक्यूएम की संयुक्त टीम ने बंदी आदेश जारी किए थे। आदेशों का पालन न होने पर इन्हें बंद किया गया। अजय मलिक ने कहा कि फिरोजपुर बांगर में अवैध भट्टियां लंबे समय से समस्या बनी हुई हैं। इनसे निकलने वाली जहरीली गैसें मानव स्वास्थ्य, पौधों और फसल को गंभीर नुकसान पहुंचाती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन रात के समय भी ऐसे अवैध उद्योगों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगा और सीएक्यूएम अधिनियम के तहत जिम्मेदार लोगों पर एफआईआर दर्ज की जाएगी।

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