Sonipat: शिक्षा बचाने के लिए सरकारी व्यवस्था सशक्त करे सरकार : प्रो. संपत सिंह

सोनीपत: प्रोफेसर संपत सिंह की अगुवाई में सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में दर्जनों युवाओं, पूर्व सैनिकों तथा विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान प्रो. संपत सिंह ने राज्य सरकार की शिक्षा नीतियों को लेकर कई सवाल उठाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा सरकार सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय उसके निजीकरण को बढ़ावा दे रही है, जिससे विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की सबसे मजबूत नींव होती है, लेकिन सरकार ने प्री-प्राइमरी स्कूलों से लेकर विश्वविद्यालयों तक सरकारी शिक्षण संस्थानों की लगातार उपेक्षा की है।
प्रो. संपत सिंह ने दावा किया कि प्रति व्यक्ति आय के मामले में हरियाणा देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है, लेकिन साक्षरता के मामले में राज्य 20वें स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि एक ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023-24 में शिक्षा पर बजट का हिस्सा 11.9 प्रतिशत से घटकर 8.7 प्रतिशत रह गया है।
उन्होंने विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की कमी और वित्तीय संकट का भी मुद्दा उठाया। उनके अनुसार भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय, खानपुर में 262 स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 124 नियमित शिक्षक कार्यरत हैं। विश्वविद्यालय पर लगभग 519 करोड़ रुपये का कर्ज है और कर्मचारियों को दो माह से वेतन नहीं मिला है। वहीं, दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मुरथल में 391 स्वीकृत पदों के मुकाबले 134 शिक्षक कार्यरत हैं तथा विश्वविद्यालय पर करीब 465 करोड़ रुपये का सरकारी ऋण है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि डॉ. भीमराव आंबेडकर राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में 33 स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल सात शिक्षक कार्यरत हैं, जबकि राई स्थित खेल विश्वविद्यालय भी शिक्षकों और वित्तीय संसाधनों की कमी से जूझ रहा है।
कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष कुणाल गहलावत, पूर्व पुलिस अधीक्षक अनूप दहिया, पूर्व न्यायाधीश कृष्ण मलिक, आनंद खत्री सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। नेताओं ने कहा कि युवाओं और पूर्व सैनिकों के पार्टी से जुड़ने से संगठन को मजबूती मिलेगी।





