Sonipat: न्यूनतम वेतन न मिलने पर कर्मचारियों ने जताया रोष

सोनीपत: नगर निगम सोनीपत में कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों के चालकों ने सात महीने से ईएसआई और पीएफ न काटे जाने तथा न्यूनतम संशोधित वेतन न मिलने के विरोध में शनिवार को जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों का कहना है कि ठेकेदार न तो सरकार द्वारा तय दरों के अनुसार वेतन दे रहा है और न ही अनिवार्य कटौतियां कर रहा है। इसी मुद्दे को लेकर कर्मचारियों ने जिला पार्षद संजय बड़वासनिया के नेतृत्व में बाबा धाम कमी रोड पर विरोध जताया।
जिला पार्षद संजय बड़वासनिया ने आरोप लगाया कि ठेके पर लगे कर्मचारियों का लगातार शोषण किया जा रहा है। ठेकेदार मनमानी कर रहा है, सरकारी नियमों का पालन नहीं कर रहा और सात महीने से ईएसआई-पीएफ नहीं काट रहा है। इसके अलावा प्रत्येक गाड़ी चालक पर घर-घर से कूड़ा उठाने की पर्ची काटने के नाम पर बीस-बीस हजार रुपए जमा कराने का दबाव डाला जा रहा है, जो पूरी तरह गलत है और कर्मचारियों के हक पर सीधा प्रहार है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
संजय बड़वासनिया ने मांग की कि ठेके पर कार्यरत सभी कर्मचारियों को हरियाणा कौशल निगम के तहत शामिल किया जाए, ताकि उन्हें स्थिर रोजगार मिले और शोषण पर रोक लगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने चुनाव से पहले समान रोजगार, समान वेतन का वादा किया था, परंतु आज उन्हीं के शासनकाल में कर्मचारियों को मूल अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रही जनता तथा युवाओं की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा। प्रदर्शन में हरपाल, संदीप, कुलदीप, योगेश, राजवीर, सुरेश, जयवीर, सतीश, महावीर सहित अनेक कर्मचारी उपस्थित रहे।





