Sonipat: मिलावटखोरी के शक में डेयरी यूनिट पर छापा, कई खामियां मिलीं

सोनीपत: गन्नौर खाद्य सुरक्षा विभाग और मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को हरिनगर के पास सूरजभान कॉलोनी स्थित एक डेयरी उत्पाद बनाने वाली फैक्ट्री पर छापेमारी की।
इस दौरान लगभग 300 किलोग्राम सफेद मक्खन, 40 किलोग्राम मावा और 57.5 किलोग्राम पनीर बरामद हुआ। खाद्य सुरक्षा विभाग ने विभिन्न सामग्रियों के नमूने एकत्र कर सील किए, जिन्हें जांच के लिए करनाल की खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
छापेमारी के दौरान टीम को फैक्ट्री से रिफाइंड तेल और वनस्पति घी के कई टीन भी मिले। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. बीरेंद्र यादव ने बताया कि कम वसा वाले दूध में वसा की मात्रा बढ़ाने के लिए इन वस्तुओं की मिलावट की जा रही होगी। उन्होंने कहा कि यह वस्तुएं खाने योग्य तो हैं, लेकिन इनसे स्वास्थ्य संबंधी खतरे हो सकते हैं। वास्तविक स्थिति जांच रिपोर्ट मिलने पर ही पता चलेगी। यदि नमूने फेल पाए गए तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. यादव ने बताया कि यह फैक्ट्री विक्रम नामक व्यक्ति द्वारा चलाई जा रही है, जिसने हाल ही में यह कार्य शुरू किया है। यहां से ढाबों और रेस्तरांओं में डेयरी उत्पादों की सप्लाई की जाती है। इसके लिए एफएसएसएआई लाइसेंस होना आवश्यक है। निरीक्षण के समय फैक्ट्री संचालक मौजूद नहीं था। उसकी धर्मपत्नी ने बताया कि लाइसेंस के लिए आवेदन किया गया है।
विभाग ने उन्हें लाइसेंस आवेदन से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए तीन दिन का नोटिस दिया है। निर्धारित समय में दस्तावेज न मिलने पर नियमानुसार कार्यवाही होगी।
निरीक्षण के दौरान अधिकारी ने सभी खाद्य सामग्रियों का स्वाद लेकर परीक्षण किया और यह सुनिश्चित किया कि कोई सामग्री अत्यधिक खराब न हो। खराब पनीर व मावा को तुरंत नष्ट कर पास में बनी गड्ढी में दबा दिया गया। अधिकारियों ने सख्त चेतावनी दी कि फैक्ट्री में स्वच्छता और गुणवत्ता के मानकों से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में इस तरह की किसी भी लापरवाही पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।





