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Sonipat: कृत्रिम बुद्धिमत्ता अपनाएँ, ग्रामीण विकास से राष्ट्र उन्नति पाता है: कुलगुरु प्रो. सिंह

Admindelhi1
21 Nov 2025 10:43 AM IST
Sonipat: कृत्रिम बुद्धिमत्ता अपनाएँ, ग्रामीण विकास से राष्ट्र उन्नति पाता है: कुलगुरु प्रो. सिंह
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सोनीपत: विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा आयोजित प्रेरणात्मक कार्यक्रम में दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मुरथल के कुलगुरु प्रो. प्रकाश सिंह ने युवाओं को तेजी से बढ़ती कृत्रिम बुद्धिमत्ता की ओर ध्यान देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आज जीवन के हर क्षेत्र को प्रभावित कर रही है, इसलिए युवाओं को शोध, नवाचार और अध्ययन पर विशेष जोर देना होगा। तकनीक हमारी प्रगति का साधन बन सकती है, परंतु यह भी सुनिश्चित करना आवश्यक है कि तकनीक हमारी रचनात्मकता को कम न करे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि तकनीक के सृजनकर्ता बनें।

कुलगुरु ने कहा कि भारतीय प्रतिभा का लोहा दुनिया मानती है, पर नई पीढ़ी की जिम्मेदारी है कि वह अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग भारत के उत्थान और आत्मनिर्भरता के लिए करे। विद्यार्थियों के सपनों में विकसित भारत का संकल्प अवश्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सेवा, तकनीक और संवेदनशीलता का संगम ही आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करेगा। एनएसएस केवल गतिविधि नहीं, बल्कि समाज परिवर्तन की प्रक्रिया है, जो विद्यार्थियों को समाज में प्रकाश फैलाने की दिशा देती है।

हरियाणा ग्रामीण संस्थान के निदेशक डा. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि भारत की प्रगति का आधार ग्रामीण विकास है, क्योंकि 65 प्रतिशत जनसंख्या आज भी गांवों में रहती है। भारतीय गांव संस्कृति, परंपरा और वास्तविक जीवन की आधारशिला हैं। यदि गांव मजबूत होंगे तो भारत स्वतः मजबूत होगा। उन्होंने स्वयंसेवकों से तकनीक, जागरूकता और जन-सहभागिता के माध्यम से ग्रामीण समस्याओं के समाधान का आह्वान किया।

डा. चौहान ने कहा कि विश्वविद्यालय का प्रत्येक स्वयंसेवक किसी एक गांव को अपनाकर वहां के जीवन स्तर में सुधार लाने का कार्य करे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी ग्रामीण भारत के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। कार्यक्रम में प्रो. अनिल सिंधु, प्रो. अशोक शर्मा सहित शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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