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सिद्धमुख ब्रांच नहर से बिगड़े हालात, कई गांव जलमग्न

Admindelhi1
31 Oct 2026 11:13 AM IST
सिद्धमुख ब्रांच नहर से बिगड़े हालात, कई गांव जलमग्न
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नहर के पानी ने मचाई तबाही, 50 ढाणियां बनीं जलमग्न

हिसार: जिले के गांव कालीरावण के पास शुक्रवार दोपहर सिद्धमुख ब्रांच नहर का तटबंध पानी का दबाव नहीं झेल पाया और उसमें बड़ा कटाव हो गया। नहर से निकला पानी तेज बहाव के साथ आसपास के खेतों और ढाणियों में फैल गया। देखते ही देखते करीब 50 ढाणियां जलमग्न हो गईं और खेतों से लेकर रिहायशी इलाकों तक पानी भर गया। अचानक आई इस आफत से ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई।

परिवारों और पशुधन को सुरक्षित निकालने में जुटे ग्रामीण

नहर टूटने के बाद पानी लगातार आसपास के क्षेत्रों की ओर बढ़ता रहा। ढाणियों में पानी घुसने से लोगों के सामने परिवारों और पशुधन को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की चुनौती खड़ी हो गई। ग्रामीणों ने खुद राहत और बचाव कार्य की जिम्मेदारी संभाली। पानी से घिरी ढाणियों से लोगों और पशुओं को निकालने के साथ ही जरूरी सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के प्रयास किए गए।

वहीं, नहर के कटाव को बंद करने के लिए मिट्टी से भरी बोरियों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की मदद ली गई। ग्रामीण लगातार पानी का बहाव रोकने और नुकसान कम करने में जुटे रहे।

नहर में अब भी करीब आठ फीट पानी का बहाव

ग्रामीणों के मुताबिक, सुबह नहर में पानी का स्तर करीब 13 फीट था। कटाव होने के बाद भी मौके पर लगभग आठ फीट पानी का बहाव बना हुआ है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि जल्द पानी का बहाव पूरी तरह नहीं रोका गया तो हजारों एकड़ कृषि भूमि और सैकड़ों मकानों को भारी नुकसान हो सकता है।

अधिकारियों के अनुसार, नहर में पानी का बहाव पूरी तरह बंद करने में शनिवार तक का समय लग सकता है। इस आशंका के चलते प्रभावित क्षेत्र के लोगों की चिंता बढ़ गई है।

सिंचाई विभाग और नरेगा कर्मी मरम्मत कार्य में जुटे

कटाव को बंद करने के लिए कालीरावण और आसपास के गांवों से नरेगा कर्मियों को मौके पर बुलाया गया है। सिंचाई विभाग के एसडीओ सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी घटनास्थल पर पहुंचकर मरम्मत और राहत कार्य में जुटे हैं। ग्रामीणों के सहयोग से कटाव को भरने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।

पूर्व सरपंच की ढाणी समेत कई घरों में घुसा पानी

नहर टूटने से पूर्व सरपंच प्रभु कस्वां की ढाणी सहित अमर सिंह, महाबीर, बेगराज, मांगेराम और रामफल की ढाणियां पानी की चपेट में आ गई हैं। कई घरों में पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण अपने जरूरी सामान और पशुधन को बचाने में जुटे हैं।

पूर्व सरपंच प्रभु कस्वां ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि नहर टूटने के बाद यदि समय रहते प्रभावी कदम उठाए जाते तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता था।

फिलहाल कालीरावण में स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। ग्रामीण अपने घरों, पशुओं और फसलों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि सिंचाई विभाग की टीम नहर के कटाव को बंद करने में लगी हुई है।

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