
सिरसा: सिरसा जिले के गांव चामल के कुछ ग्रामीणों ने मनरेगा का कार्य देख रहे मेट पर धांधलीबाजी के आरोप लगाए हैं। मीडिया से रूबरू होते हुए गुरुवार को ग्रामीण किशन सिंह व अन्य ने बताया कि करीब 150 ग्रामीणों का मनरेगा के तहत पंजीकरण है। इसमें मनरेगा मैट ने दर्जनों लोगों को अपने चहेतों व परिवार के लोगों को शामिल किया हुआ है। मैट द्वारा फर्जी तरीके से इन सभी की हाजरियां लगाकर घपला किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले लंबे समय से गांव में ये सिलसिला अनवरत चल रहा है, लेकिन जैसे ही उन्हें इस संबंध में पता चला तो उन्होंने तुरंत इस संबंध में मनरेगा मैट से बात की, लेकिन उसने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
पंचायत से भी बातचीत की गई, लेकिन पंचायत ने भी उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी। इसके बाद उन्होंने मनरेगा के तहत करवाए गए कार्यों का रिकॉर्ड निकलवाया तो फर्जीवाड़ा स्पष्ट हो गया। इस पर उन्होंने बीडीपीओ से लेकर उपायुक्त तक को शिकायत दी गई, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। किशन सिंह ने कहा कि ग्राम पंचायत मैट को पूरा संरक्षण दे रही है, जिससे उसके हौंसले पूरी तरह बुलंद हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन को चेताया कि अगर जल्द इस मामले में कार्रवाई नहीं की गई तो उन्हें मजबूरन उपायुक्त कार्यालय में धरना करने पर मजबूर होना पड़ेगा। वहीं इस संबंध में मनरेगा मैट वेदप्रकाश ने आरोपों को निराधार बताया और कहा कि मैंने 8 सितंबर को ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। लेबर चाहे तो मैट का नाम देकर काम शुरू करवा सकती है।





