Sirsa: कांग्रेस सिरसा इकाई ने कलेक्टर रेट बढ़ोतरी को आम जनता के हित में हानि बताया

सिरसा: सरकार द्वारा जमीन के कलेक्टर रेट बढ़ाने सहित अन्य जनविरोधी नीतियों के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोमवार को डबवाली के एसडीएम को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा और बढ़ाए गए रेटों पर पुन: विचार करने की मांग उठाई है। इस मौके पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. केवी सिंह ने कहा कि जमीन के कलेक्टर रेट में बार-बार बढ़ोतरी करना जन विरोधी कदम है और वर्ष 2024-25 में करीब 9 महीने पहले ही सरकार ने कलेक्टर रेट में 30 से 500 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की थी और अब फिर से 1 अगस्त से बढ़ोतरी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जब कलेक्टर रेट बढ़ाए जाते हैं तो लोगों को ऐतराज करने का मौका दिया जाता है, लेकिन इस बार यह मौका भी नहीं दिया गया।
कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार का दावा बिल्कुल झूठ है कि उसने 10 से 30 प्रतिशत तक ही रेट की बढ़ोतरी की है जबकि वास्तव में गुडग़ांव, फरीदाबाद, पंचकुला, अंबाला, करनाल, हिसार, कैथल, जींद के कलेक्टर रेट का अवलोकन करने पर पाया गया है कि यह वृद्धि 30 से लेकर 500 प्रतिशत तक है। उन्होंने कहा कि इन रेटों में बेतहाशा वृद्धि के चलते मध्य तथा गरीब वर्ग का मकान बनाने का सपना चकनाचूर होता नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को अपने इस फैसले पर पुन: विचार करना चाहिए।
डॉ.केवी सिंह ने कहा कि कलेक्टर रेट की तरह ही सरकार ने फिक्स चार्ज, ओवरलोड चार्ज, फ्यूल चार्ज, लोड सिक्योरिटी आदि के नाम पर बिजली के बिलों में बेतहाशा बढ़ोतरी कर दी है, जिसके चलते पहले ही महंगाई की मार झेल रहे आम लोगों को बिजली की मार भी झेलनी पड़ रही है और लोगों में भारी रोष है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि सरकार को चाहिए कि वह खपत हुई बिजली के यूनिट्स के आधार पर ही उपभोक्ताओं को बिजली के बिल भेजें। उन्होंने कहा कि नकल जमाबंदी पोर्टल में हरियाणा सरकार द्वारा एक इंतकाल दर्ज होने के बाद उसे खेवट में दूसरा इंतकाल दर्ज नहीं हो सकता जबकि हरियाणा के शहरी क्षेत्र में गैर मारूसी खेवट बहुत बड़े हैं, जिनमें सैकड़ो की गिनती में हिस्सेदारी है और रिहायशी इलाका है।





