हरियाणा

आलू के दाम में भारी गिरावट, 250 रुपये कट्टा तक पहुंचा भाव

Kavita2
28 Sept 2026 3:29 PM IST
आलू के दाम में भारी गिरावट, 250 रुपये कट्टा तक पहुंचा भाव
x

कुरुक्षेत्र: सब्जियों के राजा कहे जाने वाले आलू की कीमतों में इस बार भारी गिरावट देखने को मिल रही है। अच्छी पैदावार के बावजूद किसानों को उचित दाम नहीं मिल पा रहा है। हालात यह हैं कि आलू के खरीदार तक नहीं मिल रहे हैं और बाजार में इसका भाव काफी नीचे आ गया है।

आलू का दाम वर्तमान में प्रति कट्टा करीब 200 से 250 रुपये तक रह गया है। इतनी कम कीमत मिलने के कारण किसान परेशान हैं। कई किसान कोल्ड स्टोर में रखे आलू का किराया तक निकाल पाने की स्थिति में नहीं हैं।

अच्छी फसल के बावजूद नहीं मिला उचित भाव

इस बार मौसम किसानों के लिए अनुकूल रहा, जिसके कारण आलू की फसल अच्छी हुई। खेतों में उत्पादन बेहतर होने से बड़ी मात्रा में आलू बाजार में पहुंचा।

लेकिन उत्पादन बढ़ने के साथ ही बाजार में आपूर्ति अधिक हो गई और मांग कम रही। इसका सीधा असर आलू के भाव पर पड़ा।

किसानों को उम्मीद थी कि बेहतर पैदावार से उनकी आय बढ़ेगी, लेकिन कम कीमतों ने उनकी चिंता बढ़ा दी है।

कोल्ड स्टोर में रखा आलू बना परेशानी

कई किसानों ने बेहतर कीमत मिलने की उम्मीद में आलू को कोल्ड स्टोर में सुरक्षित रखा था। उन्हें उम्मीद थी कि बाद में बाजार भाव बढ़ने पर बिक्री कर लाभ कमाया जा सकेगा।

लेकिन कीमतों में सुधार नहीं होने के कारण अब किसानों के सामने नई परेशानी खड़ी हो गई है।

कोल्ड स्टोर का किराया, परिवहन खर्च और अन्य लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है।

किसानों पर बढ़ा आर्थिक दबाव

आलू की खेती में बीज, खाद, सिंचाई, मजदूरी और अन्य खर्च शामिल होते हैं। किसानों को उम्मीद रहती है कि फसल बेचने के बाद उन्हें लागत के साथ लाभ मिलेगा।

लेकिन मौजूदा स्थिति में कम कीमत मिलने से किसानों को नुकसान उठाने की आशंका है।

कई किसान अब बाजार में बेहतर भाव मिलने का इंतजार कर रहे हैं।

कोल्ड स्टोर संचालक भी चिंतित

आलू की कीमत गिरने का असर कोल्ड स्टोर संचालकों पर भी पड़ रहा है।

किसानों द्वारा आलू नहीं निकालने और भुगतान में परेशानी के कारण कोल्ड स्टोर मालिकों के सामने भी आर्थिक चुनौती खड़ी हो गई है।

कई संचालकों का कहना है कि यदि आलू के भाव में सुधार नहीं हुआ तो पूरी व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

बाजार में मांग कम होने से बिगड़े हालात

व्यापारियों के अनुसार, इस बार आलू की आवक अधिक होने के कारण बाजार में दबाव बढ़ गया है।

जब उत्पादन ज्यादा होता है और मांग उसी अनुपात में नहीं बढ़ती, तो कीमतों में गिरावट आ जाती है। वर्तमान में भी यही स्थिति देखने को मिल रही है।

किसानों को भाव सुधार की उम्मीद

किसानों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में आलू की कीमतों में सुधार हो सकता है।

यदि बाजार में मांग बढ़ती है और बाहर के क्षेत्रों में आपूर्ति बढ़ती है, तो किसानों को कुछ राहत मिलने की संभावना है।

सरकार से मदद की मांग

कम कीमतों से परेशान किसान अब सरकार से भी राहत की उम्मीद कर रहे हैं।

किसानों का कहना है कि उत्पादन लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन फसल के दाम उस हिसाब से नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में उन्हें आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए कदम उठाने की जरूरत है।

आलू उत्पादकों के लिए चुनौती भरा समय

आलू की अच्छी पैदावार इस बार किसानों के लिए खुशी की वजह बनी थी, लेकिन गिरते भाव ने उनकी चिंता बढ़ा दी है।

किसानों और कोल्ड स्टोर संचालकों दोनों के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती कम कीमत और बढ़ते खर्च के बीच संतुलन बनाना है।

फिलहाल आलू बाजार में मंदी का दौर जारी है और किसान कीमतों में सुधार का इंतजार कर रहे हैं।

Next Story